Edited By Desh Raj, Updated: 08 May, 2026 04:08 PM

मध्य प्रदेश के इंदौर से कांग्रेस को एक अपूर्णिनीय क्षति हुई है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती है। इंदौर से कांग्रेस ने एक ऐसे नेता को खो दिया है जिसकी अलग पहचान थी, पार्टी के लिए लगातार सक्रिय होकर काम करता था।
(इंदौर): मध्य प्रदेश के इंदौर से कांग्रेस को एक अपूर्णिनीय क्षति हुई है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती है। इंदौर से कांग्रेस ने एक ऐसे नेता को खो दिया है जिसकी अलग पहचान थी, पार्टी के लिए लगातार सक्रिय होकर काम करता था। जी हां हम बात कर रहे हैं कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अश्विन जोशी की, जो अचानक से ये दुनिया छोड़कर परलोक सिधार गए।
इंदौर विधानसभा क्रमांक-3 की राजनीति में बड़ा चेहरा थे अश्विन
आपको बता दें कि अश्विन जोशी वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेश जोशी के भतीजे थे और इंदौर विधानसभा क्रमांक-3 की राजनीति में बड़ा चेहरा माने जाते थे। वे 1998 से लेकर 2013 तक लगातार तीन बार विधायक रहे और जनता की सेवा की थी।2018 विधानसभा चुनाव में उन्होंने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ा था।
सरल स्वभाव के लिए जाने जाते थे अश्विन जोशी
अश्विन जोशी अपने सरल और साधारण स्वभाव के साथ ही जनसंपर्क के लिए पहचाने जाते थे। अश्विन की गिनती कांग्रेस के सक्रिय और एक्टिव नेताओं में होती थी। वे खासियत थी कि वो संगठन में मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते थे। इन्हीं खूबियों की वजह से वो कांग्रेस में अपना अलग मुकाम रखते थे।
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाते थे अश्विन जोशी
कांग्रेस के ये दिग्गज नेता पूर्व मंत्री महेश जोशी के भतीजे थे और संगठन में अपनी अलग पहचान रखते थे। छात्र राजनीति से ही अश्विन जोशी ने राजनीति की शुरुआत कर दी थी। जोशी को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बेहद करीबी और खास माना जाता था। जोशी अपने सीधे स्पष्ट अंदाज में कार्यकर्ताओं के बीच जाते थे और इसी के लिए जाने जाते थे। उन्होंने इंदौर के शहरी इलाकों में कांग्रेस को धार थी, जहां पर भाजपा का खासा प्रभाव था।
गोलीकांड में भी आया था नाम, कांग्रेस पार्षद रहे मुन्ना अंसारी पर था हमले का आरोप
कांग्रेस के पार्षद रहे मुन्ना अंसारी और जोशी के बीच लंबे समय से राजनीतिक लड़ाई रही थी। वर्ष 2006 में अंसारी गोली लगने से घायल हो गए थे, तब उन्होंने जोशी पर गोली चलाने का आरोप लगाया था। मामला काफी लंबा चला लेकिन पुलिस साबित नहीं कर पाई कि उन्होंने गोली चलाई थी। उनके पास से हथियार भी नहीं मिला था। लिहाजा अश्विन जोशी हत्या के प्रयास के मामले में 18 साल बाद बरी हो गए थे।
कांग्रेस नेताओं ने अश्विन के निधन पर जताया शोक

लिहाजा उनके निधन से कांग्रेस संगठन और पार्टी में शोक की लहर है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अश्विन जोशी के निवास पहुंचकर शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं हैं और शोकाकुल परिवार को इस दुःख की घड़ी में ढांढस बंधाया है।