Edited By Himansh sharma, Updated: 07 Aug, 2026 12:04 PM

डॉ. मिश्रा के अनुसार उनका दिल्ली जाना केवल अपने पुराने मित्र एवं पूर्व विधायक आसाराम अहिरवार का हालचाल जानने के लिए था
भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की अप्रत्याशित हार के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में उठी हलचल अभी थमी भी नहीं थी कि पूर्व गृहमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का दिल्ली दौरा नई चर्चाओं का कारण बन गया। चुनाव परिणाम आने के तीन दिन बाद उनकी अचानक राजधानी पहुंचने की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं।दिलचस्प बात यह रही कि जिस समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी दिल्ली प्रवास पर थे, उसी दौरान नरोत्तम मिश्रा ने अपने दौरे को पूरी तरह निजी बताते हुए किसी भी बड़े नेता से मुलाकात की संभावना से इनकार कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने न तो किसी वरिष्ठ नेता से मिलने का समय मांगा और न ही ऐसी कोई मुलाकात हुई।
डॉ. मिश्रा के अनुसार उनका दिल्ली जाना केवल अपने पुराने मित्र एवं पूर्व विधायक आसाराम अहिरवार का हालचाल जानने के लिए था, जो इन दिनों अस्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेने पहुंचे थे और इस यात्रा का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था।
हालांकि, राजनीतिक सूत्रों का दावा इससे अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली प्रवास के दौरान भाजपा संगठन के कुछ वरिष्ठ नेताओं से उनकी अनौपचारिक बातचीत हुई, जिसमें प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रदेश संगठन में संभावित बदलाव के सवाल पर भी नरोत्तम मिश्रा ने किसी तरह की जानकारी होने से इनकार किया। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात संबंधी चर्चाओं को भी उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि जब समय ही नहीं मांगा तो मुलाकात का प्रश्न ही नहीं उठता।
दतिया उपचुनाव के बाद से नरोत्तम मिश्रा लगातार राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में हैं। जिस सीट का वे वर्षों तक प्रतिनिधित्व करते रहे, वहां इस बार पार्टी ने नया चेहरा उतारा था। चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में नहीं गया और इसके बाद स्थानीय स्तर पर संगठन के भीतर समन्वय तथा भितरघात जैसे मुद्दों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। ऐसे माहौल में उनका दिल्ली दौरा स्वाभाविक रूप से राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की नजर में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल डॉ. नरोत्तम मिश्रा अपने दौरे को निजी बता रहे हैं, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे केवल एक सामान्य यात्रा मानने को तैयार लोग कम दिखाई दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि पार्टी संगठन या नेतृत्व स्तर पर कोई बड़ा फैसला सामने आता है, तो इस दिल्ली दौरे की चर्चा एक बार फिर तेज हो सकती है।