Edited By meena, Updated: 29 Apr, 2026 01:10 PM

मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक विवाद तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। जबलपुर स्मार्ट सिटी के CEO और 2021 बैच के IAS अधिकारी अरविंद कुमार शाह पर उनके ही...
भोपाल : मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक विवाद तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। जबलपुर स्मार्ट सिटी के CEO और 2021 बैच के IAS अधिकारी अरविंद कुमार शाह पर उनके ही विभाग की एक महिला कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला इतना बढ़ गया कि अब यह मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंच चुका है।
दरअसल, स्मार्ट सिटी में कार्यरत प्रशासनिक कार्यकारी दिलप्रीत भल्ला ने आरोप लगाया कि उनकी पिछले महीने की सैलरी रोक दी गई। जब उन्होंने इस बारे में विभाग के प्रशासनिक अधिकारी से जानकारी ली, तो उन्हें बताया गया कि वेतन CEO के निर्देश पर रोका गया है। इसके बाद जब उन्होंने सीधे अरविंद शाह से बात करने की कोशिश की, तो स्थिति और बिगड़ गई।
महिला कर्मचारी का कहना है कि उन्हें चैंबर में बुलाकर अपमानित किया गया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए बाहर जाने को कहा गया। विवाद उस समय और बढ़ गया जब उन्होंने मामले की शिकायत मंत्री तक ले जाने की बात कही। आरोप है कि इस पर अधिकारी ने मंत्री को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की और किसी दबाव में काम न करने की बात दोहराई। आरोप है कि अधिकारी ने मंत्री को गाली देते हुए कहा कि मैं किसी की नहीं सुनता।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मामला सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। दिलचस्प बात यह है कि अरविंद शाह पहले भी मंत्री के साथ विवाद को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। आरोप है कि मंत्री ने अधिकारी को बंगले पर बुलाया और बातचीत के दौरान मंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिकारी को अपमानित भी किया है। इस मामले को लेकर IAS एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की है। अब एक बार फिर मंत्री और IAS अधिकारी के बीच तनाव के बीच महिला कर्मचारी की शिकायत ने प्रशासनिक माहौल को गर्म कर दिया है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
बता दें कि अरविंद कुमार शाह मध्य प्रदेश कैडर के 2021 बैच के IAS अधिकारी हैं। वह NIT भोपाल से स्नातक हैं और 2014-2018 तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य कर चुके हैं। अप्रैल 2026 में जबलपुर नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त और स्मार्ट सिटी के सीईओ के रूप में कार्यरत थे।