MP में आज से होंगे तबादलें! कई अधिकारी-कर्मचारी होंगे इधर से उधर, 15 जून तक जारी रहेंगे आदेश

Edited By Vandana Khosla, Updated: 01 Jun, 2026 10:08 AM

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भोपालः मध्यप्रदेश में आज से तबादलों का दौर शुरू हो गया है। राज्य सरकार की नई तबादला नीति के तहत 15 जून तक सभी विभाग स्वैच्छिक और प्रशासनिक आधार पर अधिकारियों तथा कर्मचारियों के स्थानांतरण कर सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नीति के अनुसार...

भोपालः मध्यप्रदेश में आज से तबादलों का दौर शुरू हो गया है। राज्य सरकार की नई तबादला नीति के तहत 15 जून तक सभी विभाग स्वैच्छिक और प्रशासनिक आधार पर अधिकारियों तथा कर्मचारियों के स्थानांतरण कर सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नीति के अनुसार विभिन्न विभागों को पिछले दिनों आवश्यक तैयारियां पूरी करने और विभागीय स्थानांतरण नीति लागू करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद अब विभाग स्थानांतरण आदेश जारी कर सकेंगे। वहीं पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिलों में आरक्षक से उप निरीक्षक स्तर तक के तबादलों की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है। 

नई नीति के अनुसार जिन विभागों में 200 तक कर्मचारी हैं, वहां 20 प्रतिशत तक स्थानांतरण किए जा सकेंगे। 200 से 1000 कर्मचारियों वाले विभागों में 15 प्रतिशत, 1000 से 2000 कर्मचारियों वाले विभागों में 10 प्रतिशत तथा 2001 से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में पांच प्रतिशत तक स्थानांतरण की अनुमति रहेगी। नीति में पति-पत्नी को एक स्थान पर पदस्थ करने अथवा गंभीर बीमारी के आधार पर किए जाने वाले स्थानांतरणों को सामान्य स्थानांतरण नीति से बाहर रखा गया है। ऐसे मामलों में अलग से विचार किया जाएगा। सरकार ने प्रावधान किया है कि प्रथम और द्वितीय श्रेणी के कार्यपालिक अधिकारियों को एक जिले में तीन वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर जिले से बाहर स्थानांतरित किया जा सकेगा। तृतीय श्रेणी कर्मचारियों पर भी यही व्यवस्था लागू होगी। हालांकि तीन वर्ष की अवधि अनिवार्य शर्त नहीं होगी और प्रशासनिक आवश्यकता अथवा कार्य निष्पादन के आधार पर इससे पहले भी स्थानांतरण किया जा सकेगा। 

नीति में महिला कर्मचारियों को विशेष राहत दी गई है। अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को गृह जिले में पदस्थ करने का प्रावधान रखा गया है। वहीं जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में एक वर्ष या उससे कम समय शेष है, उनका सामान्य परिस्थितियों में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को दो कार्यकाल अर्थात चार वर्ष तक स्थानांतरण से छूट मिलेगी। 

वहीं वित्तीय अनियमितता, गबन अथवा शासकीय धन के दुरुपयोग के मामलों में प्रथम द्दष्टया दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों को तत्काल संबंधित पदों से हटाने का प्रावधान किया गया है। नई व्यवस्था के तहत सभी स्थानांतरण आदेश ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। 15 जून के बाद जारी होने वाले स्थानांतरण आदेश अमान्य माने जाएंगे। आदेशों में कर्मचारी का ट्रेजरी उपयोगी कर्मचारी कोड दर्ज करना अनिवार्य होगा। स्थानांतरण के बाद पुराने पदस्थापना स्थल से वेतन आहरण बंद कर दिया जाएगा। 

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