Edited By Desh sharma, Updated: 31 Jan, 2026 11:50 PM

पान मसाला और सिगरेट के शौकिनों के लिए कल से बड़ा झटका लगने वाला है। इस शौक को पूरा करने के लिए इनको जेब ढीली करनी पड़ेगी। 1 फरवरी से आपकी जेब पर बोझ बढ़ने के बाद ही इसका टेस्ट लेने को मिलेगा।
(डेस्क): पान मसाला और सिगरेट के शौकिनों के लिए कल से बड़ा झटका लगने वाला है। इस शौक को पूरा करने के लिए इनको जेब ढीली करनी पड़ेगी। 1 फरवरी से आपकी जेब पर बोझ बढ़ने के बाद ही इसका टेस्ट लेने को मिलेगा। दरसअल सरकार ने इन उत्पादों पर 40% जीएसटी के साथ नया उत्पाद शुल्क और हेल्थ सेस लागू कर दिया है। अब सिगरेट पर टैक्स उसकी लंबाई के हिसाब से लगेगा.
पान मसाला और सिगरेट के शौकिनों को जेब करनी होगी ढीली
आपको बता दें कि जुलाई 2017 से इन पर 28 प्रतिशत जीएसटी और क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता था लेकिन अब नई व्यवस्था में पुराने उपकर की जगह नए उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य उपकर लेंगे। इसका मतलब सीधा है कि सरकार इन चीजों पर जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं टैक्स के ढांचे को और ज्यादा सख्त कर रही है। इससे एक बात सीधे से समझी जा सकती है कि इनकी कीमतों में उछाल आएगा।
1 फरवरी से सिगरेट और तंबाकू पर अलग से उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा, जबकि पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर वसूला जाएगा। यह अतिरिक्त टैक्स पहले से लागू जीएसटी की ऊंची दर (करीब 40 प्रतिशत) के ऊपर होगा। दरअसल जीएसटी से जुड़े कुछ बदलाव पिछले साल सितंबर में ही अधिसूचित हो चुके थे, लेकिन सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के लिए बनाए गए खास नियम अब लागू किए जा रहे हैं।
MRP पर ही होगा टैक्स का नया गणित
दरसअल सरकार ने टैक्स की दरें ही नहीं बढ़ाई हैं, बल्कि टैक्स वसूलने के तरीके में भी अहम बदलाव किया है। चबाने वाले तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा युक्त तंबाकू और गुटखा जैसे उत्पादों के लिए ‘अधिकतम खुदरा मूल्य’ (MRP) आधारित मूल्यांकन शुरू होगा। मतलब की आप ये जान लें कि जो इन पैकेट्स पर जो खुदरा बिक्री मूल्य छपा होगा, उसी के आधार पर जीएसटी तय किया जाएगा। बाजार में बिकने वाले उत्पादों की सही कीमत पर ही टैक्स सरकार की झोली में आएगा।