Edited By Desh Raj, Updated: 14 Feb, 2026 07:50 PM

छतीसगढ़ के राजनांदगांव से दिल को झकझोर देने वाला एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। इस दुखद मामले में भैंसरा के रहने वाले सेवानिवृत शिक्षक कार्तिक उईके की मौत के बाद कुछ घंटों में ही उनके बेटे की भी मौत हो गई पुत्र हीरा राम उईके के इस आकस्मिक निधन...
(राजनांदगांव): छतीसगढ़ के राजनांदगांव से दिल को झकझोर देने वाला एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। इस दुखद मामले में भैंसरा के रहने वाले सेवानिवृत शिक्षक कार्तिक उईके की मौत के बाद कुछ घंटों में ही उनके बेटे की भी मौत हो गई पुत्र हीरा राम उईके के इस आकस्मिक निधन से परिवार तो सन्न ही रहा गया गांववालों भी दुख में डूब गए। राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में घटी इस घटना से हर कोई गमगीन है और इलाके में मातम है। पिता-पुत्र एक ही दिन में परलोक सिधारने की खबर से पूरे क्षेत्र को शोक की लहर में डुबो दिया है।
पिता और पुत्र की मौत से परिवार सन्न और इलाका गमगीन
जानकारी के मुताबिक सेवानिवृत शिक्षक कार्तिक उइके की मौत घर पर ही हुई। लेकिन उनका बेटा हीरा राम करीब एक महीने से एक अस्पताल में भर्ती थे। वो वेंटिलेटर पर रखे गए थे। जैसे ही पिता का निधन हुआ तो घरवाले उसे पिता के अंतिम दर्शन कराने के लिए भैंसरा लेकर आ रहे थे, लेकिन इसी बीच रास्ते में बेटे ने भी दम तोड़ दिया। इस वाक्ये से घरवालों पर तो मानो बिजली ही कौंध गई और वो बेसुध हो गए। जिस घर को कुछ घंटे पहले ही एक सदमा लगा था उस परिवार को कुछ घंटों बाद ही दूसरा झटका ऐसा लगा कि उन पर पहाड टूट गया हो।
कार्तिक उईके जाने-माने सम्मानित शिक्षक थे
जानकारी के मुताबिक कार्तिक उईके इलाके के एक सम्मानित शिक्षक थे। उनके परिवार में तीन पुत्र और एक पुत्री थी, जिनमें से उनकी मौत की खबर सुनकर परलोक सिधारने वाले हीरा राम उईके ज्येष्ठ पुत्र थे। हीरा राम भी शिक्षक थे। कार्तिक उइके के दो पुत्र एमबीबीएस डॉक्टर हैं और उनके परिवार की इलाके में अलग पहचान है।
इस हदय विदारक घटना ने परिवार को दुखों के सागर में डूबों दिया है लेकिन पूरा इलाका भी इस दुखद घटना पर शोकाकुल है। दोनों का अंतिम संस्कार नम आखों और टूटते दिल के साथ किया गया। लेकिन इस घटना से हर किसी का दिल बैठा जा रहा है।