Edited By Vandana Khosla, Updated: 20 May, 2026 09:18 AM

रायपुरः छत्तीसगढ़ के दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन फार्मेसी और दवा बिक्री से जुड़े नियमों के विरोध में बुधवार को प्रदेशभर के मेडिकल स्टोर बंद रखने का निर्णय लिया है। यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के देशव्यापी आह्वान के तहत...
रायपुरः छत्तीसगढ़ के दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन फार्मेसी और दवा बिक्री से जुड़े नियमों के विरोध में बुधवार को प्रदेशभर के मेडिकल स्टोर बंद रखने का निर्णय लिया है। यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के देशव्यापी आह्वान के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसमें राज्य के दवा व्यापारी एक दिवसीय सांकेतिक बंद में शामिल होंगे।
दवा व्यापारियों ने मंगलवार को कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री के बढ़ते चलन और नियमों की कमजोर निगरानी के कारण मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त सत्यापन प्रक्रिया अपनाए दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। व्यापारियों ने दावा किया कि अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से फर्जी मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन तैयार किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इन पर्चियों के जरिए बिना डॉक्टर की वास्तविक सलाह के दवाइयां खरीदी जा रही हैं।
व्यापारियों के मुताबिक कई मामलों में यह पहचानना कठिन हो जाता है कि दवा किस डॉक्टर द्वारा लिखी गई है और उसका वास्तविक प्रिस्क्राइबर कौन है। दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन मेडिकल परामर्श सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई फर्जी और गैर-प्रमाणित प्लेटफॉर्म मरीजों को गुमराह कर रहे हैं, जिससे गलत दवाइयों के उपयोग का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक्स, साइकोट्रॉपिक दवाइयां, ओपिऑइड्स तथा शेड्यूल एच, एच1 और एक्स श्रेणी की दवाइयां बिना पर्याप्त जांच-परख के ऑनलाइन बेची जा रही हैं, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
वहीं, आगे व्यापारियों ने आशंका जताई कि नशे की लत पैदा करने वाली दवाइयों की ऑनलाइन आसान उपलब्धता युवाओं में दुरुपयोग और नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे सकती है। उनका कहना है कि एक ही प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार इस्तेमाल कर कई बार दवाइयां खरीदी जा रही हैं। दवा व्यापारियों के अनुसार एंटीबायोटिक्स की अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जिसे उन्होंने भविष्य का गंभीर जनस्वास्थ्य संकट बताया।
इसके अलावा व्यापारियों ने कहा कि यह केवल व्यापारिक हितों का मुद्दा नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य नैतिकता से जुड़ा विषय है। उनका आरोप है कि ऑनलाइन फार्मेसी मॉडल में फार्मासिस्ट की पेशेवर भूमिका और जिम्मेदारी को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने जीएसआर 817(ई) और जीएसआर 220(ई) जैसी अधिसूचनाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इन नियमों की खामियों का फायदा उठाकर अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है।