Edited By meena, Updated: 27 Jan, 2026 12:32 PM

शहडोल में पुलिस प्रशासन पर हमले के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। कहा जा सकता है कि बदमाशों के हौसले इतने बुलंद है कि आए दिन पुलिस टीम पर जानलेवा हमले हो रहे हैं
शहडोल (कैलाश लालवानी) : शहडोल में पुलिस प्रशासन पर हमले के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। कहा जा सकता है कि बदमाशों के हौसले इतने बुलंद है कि आए दिन पुलिस टीम पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। इसी कड़ी में जिले में चौथी बड़ी घटना सामने आई है। शहडोल में पुलिस पर हमलों की एक और शर्मनाक कड़ी जुड़ गई है। देवलौंद में ASI महेश झा पर हमले की घटना जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
ज्वेलरी शॉप विवाद को शांत कराने पहुंचे ASI पर अचानक हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। आरोपी सुनील सोनी को पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन परिवार की पलटवार शिकायत ने मामले को और उलझा दिया है। इससे पहले बस स्टैंड में ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी महेश पाठक को दादू एंड संस की बस ने कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था।
उससे भी पहले पुलिस लाइन में आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत ने मानसिक दबाव और तनाव के बीच खुद को गोली मारकर जान दे दी थी। ब्यौहारी में बस मालिकों के विवाद को सुलझाने गए प्रधान आरक्षक सुखेंद्र त्रिपाठी व आरक्षक सूर्य मणि त्रिपाठी से की गई अभद्रता भी अभी ताज़ा ही है।

चार बड़ी घटनाएं—कुचलकर हत्या, आत्महत्या और बस मालिक ने धमकाया, अब हमला… पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़े कर रहा है। शहडोल की लगातार घटनाएं यह साफ कर रही हैं कि कानून का खौफ कमजोर पड़ रहा है और अपराधियों में बिल्कुल भी डर नहीं। बड़ा सवाल यह है कि जब वर्दी वालों पर ही हमले रुक नहीं रहे, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? वहीं पुलिस अधिकारी अभी भी चुप्पी साधे हुए हैं।