Edited By Himansh sharma, Updated: 01 Jun, 2026 06:35 PM

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रीवा से सांसद Janardan Mishra ने सार्वजनिक मंच से अपनी तंबाकू की लत को लेकर ऐसा खुलासा किया
रीवा। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रीवा से सांसद Janardan Mishra ने सार्वजनिक मंच से अपनी तंबाकू की लत को लेकर ऐसा खुलासा किया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। अक्सर अपने बेबाक अंदाज और स्पष्ट वक्तव्यों के लिए चर्चित रहने वाले सांसद ने इस बार खुद को उदाहरण बनाकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
शहर के समदड़िया गोल्ड में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते हुए जनार्दन मिश्र ने स्वीकार किया कि एक समय ऐसा था जब वे बड़ी मात्रा में गुटखा और जर्दा का सेवन करते थे। उन्होंने बताया कि पहले वे दिनभर में 8 से 10 बार जर्दा-पान खाते थे। बाद में उन्होंने गुटखा छोड़ दिया और फिर धीरे-धीरे पान खाना भी बंद कर दिया, जिससे जर्दे की आदत भी कम होती चली गई।
सांसद ने कहा कि वर्तमान में उनकी स्थिति पहले से काफी बेहतर है और अब वे केवल दो बार सुबह और रात में तंबाकू का सेवन करते हैं। उन्होंने मंच से संकल्प लेते हुए कहा कि तंबाकू निषेध अभियान से उन्हें नई प्रेरणा मिली है और वे जल्द ही सुबह वाली तंबाकू भी छोड़ देंगे। उनका लक्ष्य अगले एक वर्ष के भीतर रात में तंबाकू खाने की आदत से भी पूरी तरह मुक्त होना है।
अपने अनुभव साझा करते हुए सांसद ने कहा कि नशे की किसी भी आदत को छोड़ना आसान नहीं होता, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति और लगातार प्रयास से यह संभव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे तंबाकू, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाएं, क्योंकि ये न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर सांसद का यह आत्मस्वीकृति भरा बयान अब चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक मंचों पर जहां नेता अक्सर दूसरों को सलाह देते नजर आते हैं, वहीं जनार्दन मिश्र ने अपनी कमजोरी स्वीकार कर उसे छोड़ने का सार्वजनिक संकल्प लिया। यही वजह है कि उनका यह बयान लोगों के बीच तेजी से चर्चा बटोर रहा है।