Edited By Desh Raj, Updated: 07 Feb, 2026 04:41 PM

मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक नाबालिग बच्ची की जिंदगी खराब होते-होते बच गई। यहां नागौद में एक 10वीं में पढ़ने वाली 16 साल की लड़की की शादी 36 साल के शख्स के साथ कराई जा रही थी। विवाह की रस्में हो भी चुकी थीं लेकिन सही मौके पर पुलिस और प्रशासन...
(सतना): मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक नाबालिग बच्ची की जिंदगी खराब होते-होते बच गई। यहां नागौद में एक 10वीं में पढ़ने वाली 16 साल की लड़की की शादी 36 साल के शख्स के साथ कराई जा रही थी। विवाह की रस्में हो भी चुकी थीं लेकिन सही मौके पर पुलिस और प्रशासन पहुंच गया और शादी को रुकवा दिया गया। 'चाइल्ड हेल्पलाइन' की सूचना पर ये सारी कार्रवाई अमल में लाई गई।
दरअसल गरीबी और बेबसी के चलते एक नाबालिग लड़की के जीवन को दांव पर लगाया जा रहा था। लेकिन पुलिस ने सही मौके पर पहुंचकर अपनी रोल को सही से निभा दिया और बेटी की जिंदगी खराब होने से बच गई। हालांकि पुलिस और प्रशासन के सामने पहले दूल्हा शादी करने पर अड़ा रहा और पीछे हटने को राजी नहीं था लेकिन पुलिस ने जब कानून का पाठ पढ़ाया और चेतावनी दी तो उसकी समझ में आ गया कि पीछे हटने में भी भलाई है ।
शादी कराने के पीछे हैरान करने वाले कारण
वहीं जब नाबालिग लड़की की शादी के कारणों की सच्चाई सामने आई तो मामला काफी मजबूरी और लाचारी वाला लगा। नाबालिग लड़की के पिता जेल में बंद हैं, जबकि मां परिवार ने परिवार छोड़ दिया है और वो किसी और शख्स के साथ रहती है।
घर में लड़की के अलावा दो छोटी बहनें और एक भाई है। इन सबकी देखभाल और जिम्मेवारी 75 साल के बुजुर्ग दादा कर रहे हैं। दादा ने व्यथा बताते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति बेहद खराब है, और कोई जिम्मेवारी संभालने वाला नहीं हैं वो मुश्किल से ही खर्चा उठा पा रहे हैं। मजबूरी में वो अपनी पोती की शादी कर रहे थे।
परिवार के लिए प्रशासन ने बढ़ाए मदद के हाथ
लिहाजा प्रशासन ने न केवल शादी रुकवाई, बल्कि आर्थिक रुप से कमजोर परिवार को मदद देने के लिए भी आगे हाथ बढ़ाए हैं। प्रशासन ने लड़की की दो छोटी बहनों और भाई को संरक्षण में लेकर वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है। 16 वर्षीय लड़की की शादी रुकवाई है। 10वीं की परीक्षा के बाद उसे शहडोल में उसकी दादी के पास भेजा जाएगा। लिहाजा एक ओर जहां नाबालिग लडकी की जिंदगी खराब होने से बच गई वहीं परिवार की मदद के लिए भी प्रशासन आगे आया है।