Edited By Himansh sharma, Updated: 02 Feb, 2026 03:23 PM

महाराष्ट्र के बारामती में हुए Learjet-45 विमान हादसे को लेकर अब एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा सामने आया है।
Aviation Safety Alert: महाराष्ट्र के बारामती में हुए Learjet-45 विमान हादसे को लेकर अब एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। विमानन मामलों से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि मध्यप्रदेश विमानन विभाग समय रहते एक अहम पत्र भेज देता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
सूत्रों के मुताबिक, वीएसआर कंपनी से जुड़ा Learjet-45 विमान (VT-SSK) पहले भी कई विवादों और तकनीकी कारणों से सवालों के घेरे में रहा है। बताया जाता है कि इसी विमान का उपयोग सितंबर 2024 से सितंबर 2025 के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यात्राओं के लिए भी किया गया था।
हैरान करने वाली बात यह है कि बारामती हादसे में जान गंवाने वाले पायलट सुमित कपूर वही पायलट बताए जा रहे हैं, जिन्होंने पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी उड़ान भरवाई थी। जानकारी के अनुसार, पायलट पर पहले भी कार्रवाई और निलंबन हो चुका था।
सीएम ने जताई आपत्ति, लेकिन रिकॉर्ड में नहीं आया मामला
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगस्त 2025 में एक वरिष्ठ अधिकारी ने मुख्यमंत्री को विमान की कथित एक्सीडेंटल हिस्ट्री से अवगत कराया। इसके बाद सीएम ने तत्काल विमानन विभाग के अधिकारियों को तलब कर वीएसआर कंपनी का विमान हटवाने के निर्देश दिए। हालांकि, जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री की यह आपत्ति यदि लिखित रूप में रिकॉर्ड में ली जाती और कंपनी व DGCA को आधिकारिक पत्र भेजा जाता, तो इस विमान को संचालन से बाहर किया जा सकता था।
लंबी एक्सीडेंटल हिस्ट्री का दावा
एविएशन एक्सपर्ट्स का दावा है कि Learjet-45 सीरीज के विमानों की दुनिया भर में कई बार दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं। इसके बावजूद बिना विस्तृत तकनीकी रिकॉर्ड जांचे विमान को वीआईपी मूवमेंट के लिए हायर किया गया, जो बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।
क्या एक पत्र बचा सकता था ज़िंदगियाँ?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो बारामती में हुआ यह हादसा शायद टल सकता था। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या सिस्टम की चूक ने एक बड़े हादसे की जमीन तैयार की?