सिंहस्थ 2028 को लेकर CM मोहन सख्त, बोले– गुणवत्ता से समय पर पूरे हों सभी विकास कार्य

Edited By Himansh sharma, Updated: 11 Feb, 2026 11:34 PM

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मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन में सिंहस्‍थ 2028 अंतर्गत मंत्री मंडलीय समिति से अनुशंसित अधोसरंचना के प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा की।

भोपाल : मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन में सिंहस्‍थ 2028 अंतर्गत मंत्री मंडलीय समिति से अनुशंसित अधोसरंचना के प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्‍थ महापर्व का आयोजन विश्‍व के लिए अद्वितीय है। सिंहस्‍थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्‍था की डुबकी लगाएंगे। इस महापर्व के आयोजन पर विश्‍व की निगाह रहेगी। सिंहस्थ-2028 मध्यप्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के पवित्र अनुष्ठानों में शामिल हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलग-अलग विभागों के माध्‍यम से सिंहस्‍थ-2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर समीक्षा की। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने उज्‍जैनवासि‍यों से सेवाभाव की तरह कार्य करने का आहवान किया है। उन्‍होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्‍मेदारी को समझते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराएं।

मुख्‍यमंत्री ने की किसानों की फसल की चिंता

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्‍थ 2028 के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा के दौरान गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी पर घाट निर्माण के दौरान किसानों को पानी की उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। इसके लिए नर्मदा जल की आपूर्ति की जाए। वतर्मान में गेहूं की फसल को सिंचाई के लिए एक पानी की और जरुरत होगी। इसके लिए शिप्रा नदी में जल प्रवाह सुनिश्चित बनाए रखे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को सख्‍त निर्देश दिये कि सभी अधिकारी गंभीरता के साथ काम करें। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्‍य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री संजय दुबे को निर्देश दिए है कि उज्‍जैन में सिंहस्‍थ 2028 के काम में किसी भी तरह की रुकावट न आए। इसके लिए मुख्‍यमंत्री निवास पर भी सिंहस्‍थ सेल गठित कर मॉनीटरिंग सु‍निश्चित की जाये और जिन विभागों में अधिकारियों की कमी है, वहाँ पदस्‍थापना तत्‍काल की जाए।

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि अनुभवी अधिकारियों के लिए यदि सेवानिवृत्‍त अधिकारी-कर्मचारिेयों को रखना है तो उसके लिए भी नियमानुसार कार्यवाही कर तत्‍काल रुप से उन्‍हें रखा जाए। सिंहस्‍थ-2028 के लिए अब रिवर्स कैलेंडर बनाकर निर्माण कार्य तीव्र गति से पूर्ण करें। वर्तमान समय से लेकर सिंहस्‍थ-2028 तक दो वर्षाकाल का समय आने वाला है। इसलिए समय-सीमा में काम गुणवत्‍तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना अनिवार्य है। मुख्‍यमंत्री ने विभिन्‍न निर्माण एजेसिंयों द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की, साथ ही नि‍र्देश दिए कि जो निर्माण एजेंसियां काम कर रही है उनके संसाधनों की भी लगातार मॉनीटरिंग हो। वर्तमान समय माइक्रों मैनेजमेंट से नैनो मैनेजमेंट की ओर जाने का है। युद्ध स्‍तर की तैयारियां शुरु करना है। सभी अधिकारी 24 घंटे-07 दिन सक्रि‍य रहें। सिंहस्‍थ 2028 को बेहतर प्रबंधन के साथ करने के लिए उज्‍जैन जिले के सभी नागरिकों को जिम्‍मेदारी के भाव के साथ काम करने के लिए प्रेरित करें, उनको यह लगना चाहिए कि यह हमारा व्‍यक्तिगत काम है। इसके लिए सभी नागरिकों में जिम्‍मेदारी के साथ समर्पण का भाव भी पैदा करने के लिए समन्‍वय बनाकर कार्य करें।    

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्‍थ-2028 के अंतर्गत प्रचलि‍त निर्माण कार्यों की समय-समय पर मॉनीटरिंग हो। उन्होंने सिंहस्थ के संदर्भ में विभागों को समन्वयपूर्वक कार्य करने और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के अधिकारियों को निर्देश

सिंहस्थ-2028 के लिए होम स्टे, धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज आदि में व्यवस्थाओं के‍ लिए आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए। उज्जैन शहर से जोड़ने वाले आसपास के गांव में होम स्टे की व्यवस्था के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाए। सिंहस्‍थ-2028 मेला क्षेत्र में आंतरिक और बाहरी व्यवस्थाओं की अलग-अलग रूपरेखा बनाएं। सिंहस्‍थ मेले की बाहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी समस्‍त जगहों की  मैपिंग की जाए।

उज्जैन सिंहस्‍थ-2028 की तैयारी में बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन में  महाशिवरात्रि, श्रावण, नागपंचमी एवं अन्य त्योहारों पर व्‍यवस्‍थाओं को प्रायोगिक रूप से बनाए और उसके अनुभवों का लाभ लेते हुए सिंहस्‍थ के भीड प्रबंधन कार्य योजना बने।

उज्जैन शहर से जुड़ने वाले दूसरे जिलों के वैकल्पिक मार्गों का चयन कर लें और इन मार्गों को गुगल मैपिंग के साथ उन्‍नयन भी कराया जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन में इन मार्गों का उपयोग हो सके। साथ ही उज्‍जैन शहर के महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी चयन करें, जिससे भीड़ प्रबंधन आसानी से हो सके। मंगलनाथ, भूखीमाता रामघाट के आसपास घाटों को जोड़ने वाले मार्गों को चिन्‍हित कर उन्‍नयन करें। सिंहस्‍थ मेला क्षेत्र के बाहर सामाजिक सामुदायिक भवन, स्कूल, कॉलेज धर्मशाला बनाने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करें। 

सिंहस्‍थ 2028 के लिए काम कर रही निर्माण एजेंसी जो समय पर काम पूरा करें उनको प्रोत्साहन स्वरूप व्यवस्था भी बना कर दें। समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री उज्‍जैन गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय,  जितेन्‍द्र पंड्या, नगर निगम अध्‍यक्ष कलावती यादव, सिंहस्‍थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्‍त आशीष सिंह, एडीजी  राकेश गुप्‍ता, कलेक्‍टर  रौशन कुमार सिंह एवं अन्‍य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

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