दिव्यांग आदिवासी महिला ने बीजेपी विधायक के पैर पकड़कर लगाई गुहार, ट्राइसाइकिल न मिलने पर फूटा दर्द

Edited By Himansh sharma, Updated: 21 Jun, 2026 02:11 PM

divyang tribal woman pleads mla viral sparks questions

मध्य प्रदेश के सीधी जिले के सेमरिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर के समापन के दौरान एक भावुक कर देने वाला घटनाक्रम सामने आया।

सीधी (सूरज शुक्ला): मध्य प्रदेश के सीधी जिले के सेमरिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर के समापन के दौरान एक भावुक कर देने वाला घटनाक्रम सामने आया। शिविर समाप्त होने के बाद एक आदिवासी दिव्यांग महिला ने विधायक रीति पाठक के पैर पकड़कर ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की। महिला का आरोप था कि कई बार आवेदन देने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उसे अब तक सहायता नहीं मिल सकी है।

जानकारी के अनुसार, महिला छोटी रावत ने विधायक के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उसने गोपद बनास एसडीएम राकेश शुक्ला सहित संबंधित अधिकारियों से कई बार ट्राइसाइकिल दिलाने की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।

PunjabKesariमहिला की फरियाद सुनकर विधायक रीति पाठक आश्चर्यचकित रह गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उन्होंने सिर पर हाथ रखते हुए कहा, मोर बप्पा रे… अभी तक इनका रिक्शा नहीं मिला!” इसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद एसडीएम राकेश शुक्ला की ओर देखा। उपस्थित लोगों का कहना है कि विधायक की प्रतिक्रिया के बावजूद एसडीएम की ओर से तत्काल कोई जवाब नहीं दिया गया।

विधायक ने मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ता को महिला का नाम और पता नोट करने के निर्देश दिए तथा उसकी समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।इस दौरान महिला विधायक के पैर पकड़े रही, जिस पर विधायक ने कहा, छोड़ो मेरा पैर, नहीं तो मैं गिर जाऊंगी। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने महिला के हाथों से विधायक का पैर छुड़ाया।

कार्यक्रम में विधायक रीति पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू राम सिंह, गोपद बनास एसडीएम राकेश शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब एक दिव्यांग महिला अपनी समस्या लेकर जनप्रतिनिधि के सामने पहुंची, तब मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से तत्काल संवेदनशील पहल क्यों नहीं की गई। यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था और दिव्यांग हितग्राहियों तक योजनाओं के लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया पर भी कई सवाल खड़े कर रही है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!