Edited By Desh Raj, Updated: 19 May, 2026 06:09 PM

छतरपुर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक ने अचानक अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। घटना से परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
छतरपुर (राजेश चौरसिया): छतरपुर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक ने अचानक अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। घटना से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को तुरंत पकड़ लिया और किसी बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
जानकारी के मुताबिक पीड़ित युवक की पहचान संजय गुप्ता (52) पिता खेमचंद्र गुप्ता निवासी वार्ड नंबर-10 घुवारा के रूप में हुई है। संजय का आरोप है कि बड़ामलहरा अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे टीबी (TB) रोग से पीड़ित बताते हुए दवाएं शुरू करा दी थीं। युवक का कहना है कि लंबे समय तक दवाएं खाने के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और शरीर में गंभीर एलर्जी हो गई।
पीड़ित के अनुसार बाद में उसने जिला अस्पताल में दोबारा जांच कराई, जहां रिपोर्ट में सामने आया कि उसे टीबी की बीमारी थी ही नहीं। इसके बाद उसने गलत इलाज और चिकित्सकीय लापरवाही की शिकायत अधिकारियों से की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। इसी से परेशान होकर वह मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में न्याय मांगने पहुंचा था।
बताया जा रहा है कि आवेदन देने के दौरान युवक भावुक हो गया और अचानक अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। घटना देखते ही वहां मौजूद कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने तत्काल युवक को अपनी कस्टडी में लिया और इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल में संजय गुप्ता को मेल मेडिसिन वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। वहीं युवक के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।