नक्सलवाद पर सबसे बड़ा प्रहार! CM मोहन यादव ने 60 जांबाज जवानों को दी क्रम से पूर्व पदोन्नति, बालाघाट बना नक्सल मुक्त

Edited By Himansh sharma, Updated: 09 Feb, 2026 06:35 PM

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईएसओ मानकों के अनुसार तैयार बालाघाट जिले के 32 पुलिस स्टेशनों और अन्य शासकीय कार्यालायों का सिंगल क्लिक्स से लोकार्पण किया

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज बालाघाट जिले में आयोजित कार्यक्रम में नक्सल मुक्त अभियान के दौरान अदम्य शौर्य और साहस का परिचय देने वाले मध्यप्रदेश पुलिस के 60 जवानों को क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालाघाट पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने पर सलामी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमर जवान ज्योति पर पुष्प चक्र अर्पित कर प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए शहीद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईएसओ मानकों के अनुसार तैयार बालाघाट जिले के 32 पुलिस स्टेशनों और अन्य शासकीय कार्यालायों का सिंगल क्लिक्स से लोकार्पण किया, इससे संबंधित प्रमाण पत्र भी मंच से प्रदान किए गए। इस अवसर पर पुलिस जवानों ने "वो बांके अलबेले- जो वापस न लौटे- इस मिट्टी के बेटे" गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "नक्सल संस्मरण" पुस्तक का विमोचन किया।

बालाघाट के आत्मबल ने हिमालय जैसी कठिन चुनौती का अंत करके दिखाया 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बालाघाट के नाम में ही बल है। इस जिले ने अपने आत्मबल के आधार पर ही हिमालय जैसी कठिन चुनौती का अंत करके दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देशभर में नक्सल उन्मूलन का माहौल बना। मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रभावशाली अभियान चलाकर नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और प्रदेश में लाल सलाम को आखरी सलाम किया। नक्सल उन्मूलन में हॉक फोर्स के वीर जवानों की भूमिका अभिनंदन के योग्य है। यहां कभी खून की होली खेली गई, परंतु जवानों को वीरता, पुलिस की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के विश्वास ने क्षेत्र को नक्सल आतंक की जंजीरों से मुक्त किया। राज्य सरकार वीर शहीद जवानों को अमर जवान ज्योति के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है। हम गर्व से कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश की धरती अब नक्सलियों से मुक्त है।

PunjabKesariमध्यप्रदेश ने 38 पुलिस जवान और 27 आम नागरिक को खोया 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह खेद का विषय है कि बालाघाट में कभी तत्कालीन सरकार के मंत्री स्व. लिखीराम कावरे की सरेआम हत्या कर दी गई थी। हमारे लिए यह बड़ी चुनौती थी, क्योंकि मध्यप्रदेश की 836 किलोमीटर लंबी सीमा छत्तीसगढ़ से लगती है। मध्यप्रदेश ने 38 पुलिस जवान और 27 आम नागरिक को खोया है। बाबा महाकाल के आशीर्वाद से राज्य सरकार ने नक्सलवादियों को जड़ से खत्म करने में सफलता प्राप्त की है। सघन जंगल के चुनौतीपूर्ण वातावरण में भी हॉक फोर्स ने मेगाकासो रणनीति बनाकर नक्सलियों को खदेड़ा और 4 दुर्दांत नक्सलियों को मार गिराया गया। पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक 4104 नक्सल विरोधी अभियान संचालित किए गए, मानसून और जंगली जानवरों की चुनौतियों के बावजूद भी अभियान जारी रहे। हमारी फोर्स ने 2025 में अब तक के 10 सर्वाधिक हार्ड कोर नक्सलियों को ढेर किया है। नक्सलियों से कहा गया था कि सरेंडर करो या मारे जाओगे, पुलिस ने राज्य सरकार की इस चेतावनी को सार्थक कर दिखाया। 

बालाघाट जिले में नक्सल प्रभावित 250 स्कूलों का नवीनीकरण किया 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य में नक्सलियों को इस स्थान पर अपने पैर जमाने के लिए कोई मौका न मिले, इसके लिए राज्य सरकार हर तरह से समुचित प्रबंध कर रही है। बालाघाट जिले में नक्सल प्रभावित 250 स्कूलों का नवीनीकरण किया गया है। स्थानीय नागरिकों के लिए एकल सुविधा केंद्र, जनजातीय समुदायों को वन अधिकार पट्टे, जाति प्रमाण पत्र और रोजगार के लिए शिविरों की शुरुआत की गई है। यह वर्ष कृषि कल्याण के लिए है। अब महाकौशल के बालाघाट में कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी। नक्सल समस्या के निपटारे के साथ हमने पूर्व मंत्री स्व. श्री लिखीराम कावरे जी की हत्या का बदला लिया है। बालाघाट में अमर जवान ज्योति नक्सल मुक्त अभियान का स्मारक बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस जवानों को नक्सल विरोधी अभियान की सफलता के लिए बधाई दी।

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प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आतंकियों के विरुद्ध हुई कार्रवाई के बेहतर परिणाम सामने आए 

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए निरंतर सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में आतंकियों के विरुद्ध हुई कार्रवाई के बेहतर परिणाम सामने आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नक्सलियों से सरेंडर करने का आह्वान किया था। हॉक फोर्स की दृढ़ इच्छा शक्ति से मध्यप्रदेश समय सीमा से पहले नक्सल मुक्त हो चुका है।

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