दतिया उपचुनाव से पहले बड़ा फैसला आज! राजेंद्र भारती की याचिका पर हाईकोर्ट सुनाएगा निर्णय, बदल सकते हैं चुनावी समीकरण

Edited By Himansh sharma, Updated: 10 Jul, 2026 12:49 PM

high court verdict on rajendra bharti expected today

मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले आज राजनीतिक हलकों की नजरें दिल्ली हाईकोर्ट पर टिकी हुई हैं।

दतिया। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले आज राजनीतिक हलकों की नजरें दिल्ली हाईकोर्ट पर टिकी हुई हैं। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की बैंक एफडी मामले में दायर याचिका पर शुक्रवार को फैसला आने की संभावना है। इस निर्णय को केवल एक कानूनी आदेश नहीं, बल्कि दतिया के बदलते राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव माना जा रहा है।

गुरुवार को हाईकोर्ट में सरकार और अन्य पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब यदि अदालत राजेंद्र भारती को राहत देती है तो उपचुनाव की मौजूदा स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं, यदि निचली अदालत का फैसला बरकरार रहता है तो राजनीतिक दलों की रणनीति अलग दिशा में आगे बढ़ सकती है।

गौरतलब है कि दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 2 अप्रैल को बैंक एफडी मामले में राजेंद्र भारती को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी। इसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में हाईकोर्ट पहले ही चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर चुका है।

सुनवाई के दौरान राजेंद्र भारती की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने पक्ष रखा। उनका तर्क था कि विवाद मूल रूप से सिविल प्रकृति का है और बैंक स्वयं पहले इस मामले को सिविल विवाद मानते हुए सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा था। उन्होंने अदालत को बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ था, लेकिन समझौते की राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ है तथा संबंधित एफडी अभी भी बैंक के पास सुरक्षित है।

इधर दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने अभी तक अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही दोनों दल उम्मीदवार चयन और चुनावी रणनीति पर अंतिम निर्णय ले सकते हैं।

ऐसे में आज आने वाला फैसला केवल एक कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दतिया उपचुनाव की राजनीतिक तस्वीर को भी नई दिशा दे सकता है। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट के निर्णय पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि आने वाले दिनों में दतिया की चुनावी जंग किस मोड़ पर पहुंचती है।

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