Edited By meena, Updated: 02 Feb, 2026 12:38 PM

छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के बारी गांव में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा चोरी के बाद ग्रामीणों ने खुद संभाली सुरक्षा, जाली-कैमरे में कैद हुई आस्था। वहीं संत रविदास जयंती पर गांव में
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के बारी गांव में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा चोरी के बाद ग्रामीणों ने खुद संभाली सुरक्षा, जाली-कैमरे में कैद हुई आस्था। वहीं संत रविदास जयंती पर गांव में उत्सव का माहौल है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना अंतर्गत बारी गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में है। बीते 10 मार्च 2025 को गांव में 18 इंच ऊंची पत्थर की प्रतिमा स्थापित की गई थी, लेकिन 12 मार्च की रात अज्ञात चोरों ने प्रतिमा चोरी कर ली। घटना से गांव में भारी आक्रोश फैल गया था। घटना के बाद प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई की थी। ग्रामीणों के विरोध और तनाव को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल नई प्रतिमा स्थापित करवाई। इस बार करीब ढाई फीट ऊंची प्रतिमा लगाई गई और सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। शुरुआती दिनों में जवानों की निगरानी रही, लेकिन समय के साथ प्रशासनिक निगरानी कम होती गई।

अब ग्रामीणों ने उठाया जिम्मा
गांव के लेखराम, दिनेश, पृथ्वीराज और विजय अहिरवार ने बताया कि पिछले साल प्रतिमा तोड़े जाने की घटना के बाद यह मामला उनके लिए आस्था और सम्मान का प्रश्न बन गया। इसी के चलते समाज के लोगों ने मिलकर करीब ढाई लाख रुपए का चंदा इकट्ठा किया और प्रतिमा के चारों ओर मजबूत जाली और बैरिकेट्स लगवाए। प्रतिमा अब सीसीटीवी और सुरक्षा जाली के घेरे में रहती है।

हाईटेक सुरक्षा
10×10 फीट का सुरक्षा कवच, हाईटेक इंतजाम
प्रतिमा के चारों ओर 10 बाय 10 फीट का लोहे का जालीदार पिंजरा
360 डिग्री सेंसर युक्त हाईटेक कैमरा
100 मीटर के दायरे में किसी की हलचल पर अलर्ट
कैमरे गांव के 3-4 लोगों के मोबाइल से जुड़े
एक कैमरा सीधे थाने से भी कनेक्ट
ग्रामीणों का कहना है कि कैमरे का इंटरनेट और रखरखाव का खर्च भी समाज के लोग खुद उठा रहे हैं।

प्रशासन से नाराजगी, मांगें साफ
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद जनप्रतिनिधि और शासन-प्रशासन ने स्थायी समाधान और विकास पर ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि चुनाव के समय करोड़ों खर्च होते हैं, लेकिन बाबा साहब की प्रतिमा की सुरक्षा और सम्मान के लिए सरकार आगे नहीं आती।

जयंती पर एकजुटता का संदेश
आज संत शिरोमणि रविदास की 649वीं जयंती पर गांव में हर्षोल्लास का माहौल है। ढोल-नगाड़ों और कार्यक्रमों के बीच ग्रामीणों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि बाबा साहब की प्रतिमा केवल पत्थर नहीं, बल्कि उनके स्वाभिमान और अधिकारों का प्रतीक है।