कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की संवेदशीलता, कलेक्टर ऑफिस पहुंचे मजदूरों को खिलाया स्वादिष्ट भोजन

Edited By meena, Updated: 08 Jun, 2026 03:16 PM

jabalpur collector raghavendra singh s compassion

संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर आईएएस आईपीएस या अन्य सेवा में नवयुवक आ तो जाते हैं लेकिन उनकी असल परीक्षा तब शुरू होती है जब उन्हें फील्ड पोस्टिंग मिलती है। अपनी प्रशासनिक क्षमता और...

जबलपुर (विवेक तिवारी) : संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर आईएएस आईपीएस या अन्य सेवा में नवयुवक आ तो जाते हैं लेकिन उनकी असल परीक्षा तब शुरू होती है जब उन्हें फील्ड पोस्टिंग मिलती है। अपनी प्रशासनिक क्षमता और दृष्टिकोण का परिचय वे फील्ड पोस्टिंग में ही देते हैं। ऐसे अधिकारी जो सरकार की मंशा को साथ लेकर चलते हैं वे जनता के दिलों पर राज भी करते हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा में सेवा मूल मंत्र को लेकर अगर अधिकारी निकल गए तो वह जनता के लिए सदैव ही हितैषी रहते हैं। हम बात कर रहे हैं जबलपुर कलेक्टर के पद पर पदस्थ राघवेंद्र सिंह की जो अपने मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता के लिए जबलपुर की जनता के लिए प्रशंसा के पात्र बन गए हैं। उनके कार्य करने की स्टाइल और संवेदनशीलता जनता को पसंद आ रही है। आप सोचिए जब पूरे देश में वैश्विक संकट खड़ा हुआ था और गैस सिलेंडर की मारामारी थी उस वक्त भी जबलपुर में क्रमबद्ध तरीके से आम जनता को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए थे। हालांकि वह दौर अब बीत गया है अब एक तस्वीर कलेक्टर ऑफिस के अंदर की ही सामने आई है जहां पर कुछ मजदूर जिन्हें मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया था। वे कलेक्टर साहब के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। ठीक कलेक्टर साहब जहां से अपने चेंबर में प्रवेश करते हैं उसके ठीक सामने वे सभी मजदूर आकर बैठे हुए थे।

PunjabKesari

कलेक्टर साहब ने उनको बैठे हुए देखा और उनकी समस्या को सुना और उसके बाद अस्सिटेंट लेबर कमिश्नर को बुलाकर उनकी समस्या का समाधान करने के दिशा में कार्य किया। कलेक्टर साहब यहीं पर ही रुके तकरीबन 25  से अधिक मजदूर जो थे। उनके लिए पहले कोल्ड ड्रिंक और नाश्ते की व्यवस्था कराई और जब भोजन का समय आया तो उनके लिए स्वादिष्ट भोजन भी उपलब्ध कराया। इसके साथ ही वे सभी मजदूर उमरिया से आए थे जिन्हें उनकी मजदूरी का भुगतान करने के बाद उनके जिले भी भेजा गया। अब कहानी हम आपको बताते हैं कि इन मजदूरों की क्या थी।

काम के बाद दि अधूरी मजदूरी

साहब हमसे काम तो करा लिया,,हम लोग भूखे प्यासे काम भी करते रहे,लेकिन विभाग ने अभी तक हमारे काम की मजदूरी नहीं दी। अब आपके पास उम्मीद लेकर आए है कि आप न्याय करेंगे,,मजदूरों की इस दुखदाई व्यथा को देखकर जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने फौरन ही सहायक श्रम आयुक्त को कॉल  करके इस समस्या का तुरंत निराकरण करने  के निर्देश दिए। वही कलेक्टर की एक फटकार लगते ही सभी संबंधित विभागों के कान खड़े हो गए और भागते भागते सब कलेक्ट्रेट पहुंचे और मजदूरों की समस्या के निराकरण के लिए सरल रास्ता निकाला।

यह है मामला

दरअसल उमरिया जिले के 25 से अधिक  श्रमिकों से मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम की कुंडम परियोजना मंडल के चिरापोंडी परिक्षेत्र की बलिवाड़ा बीट के कम्पार्टमेंट क्रमांक-154 में कंटूर ट्रेंच, पौधारोपण के लिये गड्ढे करने का  काम करवाया,लेकिन विभाग ने मजदूरी का भुगतान नहीं किया। मजदूरी का बड़ा हिस्सा वन विभाग के बीट गार्ड द्वारा रोक लिया गया था। बकाया राशि मांगने पर इन श्रमिकों को डराया-धमकाया भी जा रहा था।

PunjabKesari

शिकायत करने भारी दोपहरी पहुंचे

मजदूरी द्वारा अपनी इसी बची राशि को दिलाने की मांग को लेकर ये श्रमिक परिवार जनों सहित कलेक्टर सिंह से मिलने भरी दोपहरी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के पास शिकायत पहुंचते ही उन्होंने सभी की समस्याओं को ध्यान से सुना और वन विभाग से मजदूरी की समस्या दूर करने की बात कही।

गर्म भोजन तथा घर भेजने की कराई व्यवस्था

श्रमिकों के साथ आए उनके परिजनों और बच्चों के चेहरे में भूख की व्याकुलता को देखकर तुरंत ही कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने काफी हाउस से गरम भोजन बुलवाकर भरपेट करवाया तथा उमरिया तक पहुंचाने के व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। वहीं कलेक्टर की सख्ती से हरकत में आये श्रम और वन विभाग के अधिकारियों ने उमरिया जिले के इन श्रमिकों को 3 लाख 86 हजार रूपये की बकाया मजदूरी का भुगतान किया इसके अलावा बस से उमरिया तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!