Edited By meena, Updated: 03 Jun, 2026 06:53 PM

मंदसौर ज़िला कलेक्टर अदिति गर्ग ने मल्हारगढ़ के मॉडल गांव बालागुड़ा में आयोजित अदिति खुली कचहरी (रात्रि चौपाल) के दौरान एक मिसाली और सादा रवैया अपनाते हुए प्रोटोकॉल और ख़ास कुर्सियों को छोड़कर सीधे...
मंदसौर (शाहरुख मिर्जा) : मंदसौर ज़िला कलेक्टर अदिति गर्ग ने मल्हारगढ़ के मॉडल गांव बालागुड़ा में आयोजित अदिति खुली कचहरी (रात्रि चौपाल) के दौरान एक मिसाली और सादा रवैया अपनाते हुए प्रोटोकॉल और ख़ास कुर्सियों को छोड़कर सीधे गांव वालों के दरमियान ज़मीन पर बैठकर उनके मसाइल सुने।
उनके इस सादगी भरे अंदाज़ को गांव वालों ने बेहद पसंद किया। मुक़ामी अफ़राद का कहना था कि पहली मर्तबा किसी आला अफ़सर ने इतनी क़रीबी से उनकी बात सुनी और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के लिए निर्देश जारी किए।
इस मौके पर किसानों, दूध पैदा करने वालों, महिलाओं और नौजवानों ने अपनी-अपनी समस्याएं बताई। कलेक्टर अदिति गर्ग ने अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। बच्चों की सेहत और मौलिक ज़रूरतों को लेकर भी उन्होंने ख़ास दिलचस्पी दिखाई और आंगनवाड़ी विभाग को हिदायत दी कि ज़रूरतमंद बच्चों तक राशन पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए साथ ही कुपोषित बच्चों के इलाज मुहैया कराने के निर्देश जारी किए।
देहात को मज़बूत बनाने के लिए उन्होंने पशुपालन महकमे और कोऑपरेटिव बैंक को गांव में ख़ास कैंप लगाने की हिदायत दी, ताकि दूध की पैदावार और मवेशी पालन को प्रोत्साहन मिल सके और लोगों की आमदनी में इज़ाफ़ा हो।
सफ़ाई और मोहल्लों की बेहतरी के लिए भी पंचायत को कचरा जमा करने की मुनासिब व्यवस्था और जैविक कचरे से खाद तैयार करने पर काम शुरू करने की चेतावनी दी गई। कलेक्टर अदिति गर्ग के इस अंदाज और जनता के साथ बेहतर तालमेल की सादगी भरी तस्वीर की पूरे इलाके में तारीफ हो रही है।