नटराजन पर फैसला सुप्रीम कोर्ट में और भाजपा ने महेश केवट को विजेता बना दिया...ये आंखों में धूल झोंकने जैसा- कमलनाथ

Edited By meena, Updated: 11 Jun, 2026 06:56 PM

kamal nath s statement on the natarajan case

कांग्रेस ने गुरुवार को मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र खारिज होने के मामले में चुनाव आयोग (EC) पर अपना हमला तेज कर दिया। पार्टी ने सत्ताधारी बीजेपी के पक्ष में...

भोपाल : कांग्रेस ने गुरुवार को मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र खारिज होने के मामले में चुनाव आयोग (EC) पर अपना हमला तेज कर दिया। पार्टी ने सत्ताधारी बीजेपी के पक्ष में पक्षपात का आरोप लगाया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। इसी कड़ी में पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- मध्य प्रदेश में भाजपा के तीनों राज्यसभा प्रत्याशियों को निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र देना प्रदेश की जनता और लोकतंत्र के साथ धोखा है। जब कांग्रेस पार्टी की शिकायत पर निर्वाचन आयोग ने अभी तक फैसला नहीं सुनाया और सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होनी है तब इस तरह की जल्दबाजी आँखों में धूल झोंकने की कोशिश है। यह पूरी तरह से षड्यंत्रपूर्वक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अपहरण का मामला है। स्पष्ट है कि संवैधानिक संस्थाएं अपना कर्तव्य निभाने के बजाय भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रही हैं। कांग्रेस पार्टी नायायिक और राजनैतिक दोनों स्तर पर इस अन्याय का विरोध करेगी।

इससे पहले मोर्चा संभालते हुए नेता प्रतिपक्ष (LoP) उमंग सिंघार ने कहा कि मामले में दखल देने का अधिकार होने के बावजूद चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम करने में विफल रहा। सिंघार ने गुरुवार को कहा, "कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन से जुड़े गंभीर मुद्दे पर चुनाव आयोग का रुख बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पक्षपातपूर्ण है। जब चुनाव आयोग के पास दखल देने और फैसले लेने की विशेष शक्तियां हैं, तो कांग्रेस पार्टी की आपत्ति पर समय रहते फैसला क्यों नहीं लिया गया?"

बता दें कि यह विवाद रिटर्निंग ऑफिसर (RO) ने मंगलवार (9 जून) को नटराजन के नामांकन पत्र खारिज करने के बाद शुरु हुआ। इसका कारण मीनाक्षी नटराजन के चुनावी हलफनामे में कोर्ट में चल रहे एक मामले की जानकारी न देना बताया गया। कांग्रेस ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। पार्टी का दावा है कि सभी जरूरी जानकारी दी गई थी और अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। इसके बाद कांग्रेस पहले चुनाव आयोग फिर सुप्रीम कोर्ट के पास गई। हालांकि सुप्रीम कोर्ट मामले में सुनवाई कल करेगा, लेकिन इससे पहले आज भाजपा ने अपने तीनों उम्मीदवारों को विजेता घोषित कर दिया।

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