Edited By Himansh sharma, Updated: 14 Jan, 2026 12:14 PM

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गोवध से जुड़े मामले को लेकर नगर निगम ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है।
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गोवध से जुड़े मामले को लेकर नगर निगम ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। नगर निगम के एक अधिकारी समेत कुल 11 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि शहर के स्लॉटर हाउस को हमेशा के लिए बंद करने का फैसला लिया गया है। इस कार्रवाई से निगम प्रशासन में खलबली मच गई है।
मंगलवार को हुई महापौर परिषद (MIC) की बैठक में गोवध को लेकर जमकर हंगामा हुआ। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब सामाजिक संगठनों ने मामले का खुलासा किया और पुलिस ने केस दर्ज किया, तब निगम के जिम्मेदार अधिकारी चुप बैठे रहे।
स्लॉटर हाउस बंद, अब शहर में नहीं होगी कटाई
गोवध प्रकरण से नगर निगम की भारी किरकिरी होने के बाद यह बड़ा निर्णय लिया गया कि भोपाल नगर निगम अब शहर में किसी भी तरह की स्लॉटरिंग की व्यवस्था नहीं करेगा।
नगर निगम ने साफ किया है कि शहर के बाहर यदि कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी है तो उसकी जिम्मेदारी अब प्रशासन की होगी।
11 कर्मचारियों पर गिरी गाज
स्लॉटर हाउस केस में लापरवाही बरतने पर जिन अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें शामिल हैं—
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी गौर (निलंबित)
अन्य 10 कर्मचारी डॉ. बीपी गौर को निलंबन के साथ मूल शाखा में अटैच किया गया है।
कंपनी और मालिक आजीवन ब्लैकलिस्ट
स्लॉटर हाउस में जानवरों की कटाई कर रही लाइव स्टॉक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और उसके मालिक असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा वाला पर भी बड़ी कार्रवाई की गई है। कंपनी और मालिक दोनों को आजीवन ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
सख्त संदेश
भोपाल नगर निगम की यह कार्रवाई साफ संदेश है कि गोवध और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।