Edited By Desh Raj, Updated: 16 Sep, 2026 10:21 PM

छत्तीसगढ़ में झीरम घाटी मामले एक बड़ा फैसला हुआ है। आखिरकार 13 सालों के बाद दोषियों को सजा मिल गई है। एनआईए कोर्ट (NIA) ने दोषियो को फांसी की सजा सुनाई है। झीरम घाटी हमला वो हमला था
(डेस्क): छत्तीसगढ़ में झीरम घाटी मामले एक बड़ा फैसला हुआ है। आखिरकार 13 सालों के बाद दोषियों को सजा मिल गई है। एनआईए कोर्ट (NIA) ने दोषियो को फांसी की सजा सुनाई है। झीरम घाटी हमला वो हमला था जिसने छतीसगढ़ की हिलाकर रख दिया था। झीरम घाटी में नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था और प्रदेश कांग्रेस नेताओं की एक पूरी लाइन ही खत्म कर दी थी। यही नहीं इस खतरनाक हमले में कई सुरक्षाकर्मियों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस हमले से प्रदेश हिल गया था क्योंकि ये बहुत ही दुर्दांत हमला था।
5 सितंबर को एनआईए की विशेष अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था
आपको बता दे कि 5 सितंबर को NIA की विशेष अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी करार दे दिया था, अब उन्हें सजा सुनाई है। सभी को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद NIA कोर्ट के जज अजय सिंह राजपूत ने यह बड़ा फैसला दिया है
एनआईए के अधिवक्ता ने बताया कि जगदलपुर में एनआईए की विशेष अदालत ने पांच सितंबर को दो महिलाओं समेत सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था और सजा पर फैसला 16 सितंबर के लिए सुरक्षित रखा था। बस्तर जिले में दरभा थानाक्षेत्र की झीरम घाटी में 25 मई 2013 को राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांग्रेस की "परिवर्तन यात्रा" पर घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस नेताओं, आम लोगों और 10 सुरक्षाकर्मियों समेत कम से कम 29 लोग मारे गए थे और 30 से अधिक लोग घायल हुए थे।
इनको हुई फांसी की सजा
प्रमिला मोडियाम, सुमित्रा पुनेम, कोसा कवासी, मुक्का मांडवी, मड़कामी देवा, आयत मरकाम, बजामी सेना, चैतू लेकाम, जोगा मड़कामी और महादेव नागा को मौत की सजा सुनाई है।
इस हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल , उनके बेटे दिनेश, विपक्ष के पूर्व नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्या चरण शुक्ल और वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक उदय मुदलियार की मौत हो गई थी। लिहाजा इस दर्दनाक हमले में अब जाकर दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई है।