Edited By Himansh sharma, Updated: 10 Jun, 2026 05:28 PM

मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव से जुड़ा मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्तीकरण का मामला लगातार गरमाता जा रहा है।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव से जुड़ा मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्तीकरण का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक बड़ी अफवाह तेजी से फैल रही है कि निर्वाचन आयोग ने नामांकन निरस्तीकरण का फैसला वापस ले लिया है, हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई अंतिम या औपचारिक घोषणा जारी नहीं की गई है। ऐसे में नामांकन रद्द किए जाने के फैसले को वापस लेने की खबरें केवल अटकलों और सोशल मीडिया पोस्ट्स पर आधारित बताई जा रही हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को कथित तौर पर शपथ पत्र में जानकारी छिपाने के आरोपों के आधार पर निरस्त किया गया था। इसके बाद कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए निर्वाचन आयोग में औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी।
बुधवार को कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को चुनौती दी थी। कांग्रेस का दावा है कि जिस आधार पर नामांकन रद्द किया गया, वह चुनावी कानून में स्पष्ट रूप से लागू नहीं होता।
वहीं अब सोशल मीडिया पर चल रही “फैसला वापस लेने” की खबरों ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है। कांग्रेस और अन्य राजनीतिक हलकों में भी इस पर चर्चाएं तेज हो गई हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति यही है कि निर्वाचन आयोग की ओर से कोई भी आधिकारिक आदेश या बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि वे आयोग के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में राज्यसभा चुनाव की दिशा तय कर सकता है।फिलहाल सभी की निगाहें निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि नामांकन निरस्तीकरण का फैसला कायम है या उसमें कोई बदलाव किया गया है।