Edited By Himansh sharma, Updated: 21 Feb, 2026 11:55 PM

मध्यप्रदेश की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।
भोपाल: मध्यप्रदेश की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। अचानक लिए गए इस फैसले के बाद कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम हुआ। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और सचेतक सोहन वाल्मीकि लंच ब्रेक पर बाहर चले गए। इसी दौरान हेमंत कटारे को पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए शताब्दी एक्सप्रेस से रवाना होना था।
नेतृत्व की गैरमौजूदगी के चलते कटारे सदन छोड़कर नहीं निकल सके और इसी समन्वय की कमी में उनकी ट्रेन छूट गई। बताया जा रहा है कि वे अपने मामा के बेटे की शादी में शामिल होने जा रहे थे। यही घटना बाद में पार्टी के भीतर तनाव और नाराजगी की वजह बन गई।
सोशल मीडिया पर दी सफाई
इस्तीफे के बाद खुद हेमंत कटारे ने सोशल मीडिया पर सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका फैसला पूरी तरह पारिवारिक कारणों से जुड़ा है। भाजपा में जाने की अटकलों को उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस उनके स्वर्गीय पिता की विरासत है और फोन न उठाने या कार्यक्रम मिस होने को राजनीतिक रंग देना गलत है। शादी की सालगिरह पर परिवार को समय देना उनका निजी अधिकार है।
भाजपा पर भी साधा निशाना
कटारे ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को बेवजह खुश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने साफ किया कि वे सोमवार से सदन में पूरी तैयारी के साथ मौजूद रहेंगे और सरकार को हर मुद्दे पर घेरेंगे — चाहे वह गोमांस विवाद हो, इंदौर के भागीरथपुरा का मामला, शंकराचार्य से जुड़ा मुद्दा हो या प्रदूषण व कथित भ्रष्टाचार के सवाल।
सियासी संकेत साफ
इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर समन्वय की कमी और आपसी संवाद की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। सवाल अब यह है कि क्या पार्टी नेतृत्व इस नाराजगी को वक्त रहते संभाल पाएगा, या आने वाले दिनों में यह मामला और बड़ा सियासी संकट बनेगा?