Edited By Himansh sharma, Updated: 14 Feb, 2026 08:20 PM

मध्यप्रदेश में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
MP Forest News: मध्यप्रदेश में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग में पहली बार विधि प्रकोष्ठ (Legal Cell) की स्थापना की गई है, जो 15 फरवरी से विधिवत कार्य करना शुरू करेगा।
इस नई पहल का उद्देश्य वन विभाग से जुड़े अदालती मामलों को मजबूत बनाना और दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया को तेज करना है। खासतौर पर वन्यजीव अपराधों और बाघ शिकार जैसे गंभीर मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
वन विभाग में लंबे समय से न्यायालयीन मामलों में कमजोरी देखी जा रही थी। कई बार प्रभारी अधिकारियों की लापरवाही के चलते विभाग को अदालतों में फजीहत झेलनी पड़ती थी। इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए विधि प्रकोष्ठ का गठन किया गया है।
प्रदेश के पीसीसीएफ (HoFF) विजय अंबाडे ने इस पहल की शुरुआत की है। विधि प्रकोष्ठ विभागीय मुख्यालय वन भवन में संचालित होगा।
विधि प्रकोष्ठ के नियंत्रक अधिकारी मध्यप्रदेश वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (उत्पादन) होंगे। इस प्रकोष्ठ में वन अधिकारियों और कर्मचारियों को ही कानूनी मामलों की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि केस की मॉनिटरिंग, दस्तावेजों की तैयारी और पैरवी बेहतर ढंग से हो सके।
विभागीय स्तर पर यह कदम वन्यजीव संरक्षण और कानून के सख्त पालन की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।