राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल तय! कई जिलों के कलेक्टर और SP बदलेंगे, जल्द जारी होगी लिस्ट

Edited By Himansh sharma, Updated: 13 Feb, 2026 10:00 AM

major administrative reshuffle soon collectors and sps to be replaced

मध्यप्रदेश में बजट सत्र खत्म होते ही बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी है।

भोपाल। मध्यप्रदेश में बजट सत्र खत्म होते ही बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी है। सरकार कई जिलों में कलेक्टर और कमिश्नर बदलने की योजना बना चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य 21 फरवरी को अंतिम प्रकाशन के साथ पूरा हो जाएगा, लेकिन तबादलों की कार्रवाई अब विधानसभा के बजट सत्र के बाद ही की जाएगी।

विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। परंपरागत रूप से इस दौरान तबादले नहीं किए जाते, इसलिए सत्र समाप्त होते ही मंत्रालय से लेकर मैदानी स्तर तक व्यापक फेरबदल देखने को मिल सकता है।

कामकाज के आधार पर होगी छंटनी

जानकारी के अनुसार, जिन कलेक्टरों की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं पाई गई है, उन्हें बदला जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों के पालन की समीक्षा की गई है।

मुख्य सचिव अनुराग जैन दो बार अधिकारियों के कामकाज का विस्तृत आकलन करा चुके हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। अब अंतिम निर्णय बजट सत्र के बाद लिया जाएगा।

सचिव और अपर कलेक्टर भी होंगे प्रभावित

फेरबदल सिर्फ कलेक्टर-कमिश्नर तक सीमित नहीं रहेगा। सचिव स्तर के कई अधिकारियों को नए दायित्व दिए जाएंगे। मैदानी स्तर पर अपर कलेक्टरों को भी बदला जा सकता है, खासकर वे अधिकारी जो ढाई साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी नरहरि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के इच्छुक हैं और उन्हें हरी झंडी भी मिल चुकी है। इसके अलावा सचिव स्तर के अधिकारी श्रीमन शुक्ला और स्वतंत्र कुमार सिंह भी प्रतिनियुक्ति की कतार में बताए जा रहे हैं।

अधिकारियों की कमी से बढ़ा दबाव

वर्तमान में प्रदेश के 44 अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिनमें 14 अधिकारी 2024-25 में ही गए हैं। इससे प्रदेश में वरिष्ठ अधिकारियों की कमी महसूस की जा रही है। प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव स्तर पर कमी के कारण कई अधिकारियों के पास दो से तीन विभागों का अतिरिक्त प्रभार है। इस वर्ष केवल एम. सेलवेंद्रन को ही प्रमुख सचिव पद पर पदोन्नति मिली है। स्पष्ट है कि बजट सत्र समाप्त होते ही प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसका असर मंत्रालय से लेकर जिलों तक पड़ेगा।

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