Edited By Himansh sharma, Updated: 30 Jan, 2026 10:58 PM

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में टोल प्लाजा पर वाहन चालकों से मनमानी वसूली करने वाली कंपनी पर उपभोक्ता फोरम ने कड़ा रुख अपनाया है।
राजगढ़। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में टोल प्लाजा पर वाहन चालकों से मनमानी वसूली करने वाली कंपनी पर उपभोक्ता फोरम ने कड़ा रुख अपनाया है। फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद दो गुना टोल वसूलने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने टोल कंपनी पर कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह फैसला करीब तीन साल पुराने मामले में सुनाया गया है।
फास्टैग होते हुए भी वसूली गई दोगुनी राशि
मामला 28 जून 2022 का है। फरियादी शैलेंद्र कुमार गुप्ता, निवासी खुजनेर, अपनी कार से नेशनल हाईवे-52 पर यात्रा कर रहे थे। ब्यावरा के पास स्थित कचनारिया टोल प्लाजा से गुजरते समय उनके फास्टैग खाते में 250 रुपये का पर्याप्त बैलेंस मौजूद था। एक तरफ की यात्रा में नियम अनुसार 70 रुपये टोल काटा गया।
वापसी में नियमों की उड़ाई धज्जियां
हालांकि, उसी दिन वापसी के दौरान नियमों के अनुसार फास्टैग से केवल 35 रुपये की कटौती होनी थी, लेकिन टोल प्लाजा कर्मचारियों ने फास्टैग से राशि न काटते हुए 140 रुपये नगद वसूल लिए, जो निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक था।
उपभोक्ता फोरम पहुंचा मामला
टोल प्लाजा की इस मनमानी से परेशान होकर वाहन मालिक ने 18 अगस्त 2022 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने टोल कंपनी को नोटिस जारी किया, लेकिन कंपनी की ओर से कोई प्रतिनिधि पेश नहीं हुआ।
एकपक्षीय सुनवाई में सुनाया गया फैसला
कंपनी की अनुपस्थिति में आयोग ने एकपक्षीय सुनवाई करते हुए 29 जनवरी 2026 को फैसला सुनाया। उपभोक्ता फोरम ने टोल कंपनी को— अधिक वसूली गई राशि के 280 रुपये लौटाने, मानसिक प्रताड़ना के लिए 10,000 रुपये क्षतिपूर्ति, और वाद व्यय के रूप में 5,000 रुपये अलग से भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
टोल कंपनियों को सख्त संदेश
यह फैसला टोल प्लाजा पर मनमानी वसूली करने वाली कंपनियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। उपभोक्ता फोरम ने साफ किया है कि फास्टैग नियमों की अनदेखी और अवैध वसूली किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी..