Edited By Vikas Tiwari, Updated: 05 Sep, 2025 12:46 PM

अंबेडकर नगर के चोरल में अवैध अतिक्रमण को बचाने के लिए जनपद पंचायत सीईओ से हुई मारपीट के अगले ही दिन प्रशासन ने सख्ती दिखाई। एसडीएम राकेश परमार ने खुद मौके पर मौजूद रहकर जेसीबी से अतिक्रमण तुड़वाया।
महू: अंबेडकर नगर के चोरल में अवैध अतिक्रमण को बचाने के लिए जनपद पंचायत सीईओ से हुई मारपीट के अगले ही दिन प्रशासन ने सख्ती दिखाई। एसडीएम राकेश परमार ने खुद मौके पर मौजूद रहकर जेसीबी से अतिक्रमण तुड़वाया।
BJP नेता पर एक्शन, अवैध निर्माण पर चला बुलडोज़र
गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम राकेश परमार, नायब तहसीलदार यशदीप रावत और सिमरोल टीआई अमित कुमार टीम के साथ चोरल पहुंचे। यहां मुख्य मार्ग पर बने कस्तूरबा बालिका छात्रावास और सरकारी नाले पर अवैध कब्जा पाया गया। भाजपा नेता के रिश्तेदार दीपक तिवारी ने यहां दुकान बनाने के लिए ओटला और टीनशेड डाल रखा था। कार्रवाई के दौरान जेसीबी से अतिक्रमण ढहाया गया और तीन गुमटियां हटाई गईं। कुछ गुमटियां हटाने के लिए दो-तीन दिन की मोहलत दी गई।
क्यों हुई थी मारपीट?
बुधवार शाम अवैध कब्जे को हटाने की आशंका में दीपक तिवारी अपने समर्थकों के साथ जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचा। यहां भाजपा नेताओं और अन्य लोगों ने सीईओ पंकज दरोठिया पर गाली-गलौज और मारपीट की। उन्हें जमीन पर पटककर लात-घूंसों से पीटा गया। घटना के बाद सीईओ ने महू थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई।
गिरफ्तारी की मांग
गुरुवार को पंचायत सचिव संगठन के सदस्य कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से मिले और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखी। महासंघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर अपराधियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश पर महू थाने का घेराव किया जाएगा। मारपीट मामले में पुलिस की कार्रवाई गवाहों और सीईओ दरोठिया के बयान न होने के कारण फिलहाल अटक गई है। थाना प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि बयान दर्ज होने के बाद विस्तृत जांच होगी। साथ ही वीडियो फुटेज की जब्ती कर अन्य आरोपियों की पहचान की जाएगी।