Edited By Himansh sharma, Updated: 31 Jan, 2026 11:39 AM

मध्यप्रदेश में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
शहडोल: मध्यप्रदेश में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के बाद अब आदिवासी बहुल शहडोल जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शहडोल जिले के एसईसीएल (SECL) सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत अमलाई ओसीएम परिसर में कथित तौर पर केमिकल युक्त दूषित पानी पीने से 8 से अधिक गौवंशों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई।
धनपुरी थाना क्षेत्र के अमलाई ओसीएम परिसर में एक साथ 4 गाय, 3 बछड़े और एक बैल की दर्दनाक मौत से इलाके में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों और गौ-रक्षकों का आरोप है कि एसईसीएल परिसर में लंबे समय से रासायनिक तत्वों से युक्त गंदा पानी जमा है, जिसे पीने से गौवंशों की जान गई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और गौ-रक्षकों ने एसईसीएल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नाराजगी जताई।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
गौरक्षक ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। एसईसीएल की कथित लापरवाही के चलते हर साल गौवंशों की जान जा रही है। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त 2022 को अमलाई ओसीएम परिसर में कई गौवंशों की मौत हुई थी, वहीं 2 सितंबर 2022 को शारदा ओसीएम परिसर में 19 गौवंश संदिग्ध हालात में मृत पाए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
सूचना मिलते ही धनपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और मृत गौवंशों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बुढार से पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच की। पशु चिकित्सकों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
धनपुरी थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने बताया कि अमलाई ओसीएम परिसर में 8 गौवंशों की मौत की सूचना मिली है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सवाल बड़ा है:
क्या जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई या फिर पहले की तरह यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा?