गोपाल भार्गव को मंत्रिमंडल में शामिल करने की अटकलें! इन नामों की भी चर्चा, हो सकता है बड़ा ऐलान

Edited By meena, Updated: 28 Apr, 2026 08:00 PM

speculation mounts over gopal bhargava s inclusion in cabinet

मध्य प्रदेश में भाजपा राजनीतिक नियुक्तियों के जरिए 2028 के लिए बिसात बिछाना कर चुकी है या यूं कहे कि भाजपा इस बार सिर्फ खाली पदों की भरपाई नहीं करेगी, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में

भोपाल : मध्य प्रदेश में भाजपा राजनीतिक नियुक्तियों के जरिए 2028 के लिए बिसात बिछाना कर चुकी है या यूं कहे कि भाजपा इस बार सिर्फ खाली पदों की भरपाई नहीं करेगी, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है। निगम मंडलों, प्राधिकरणों, आयोग अध्यक्षों की सूची दिन ब दिन सामने आ रही है। हर पद पर औहदेदार के नाम का धीरे धीरे पटाक्षेप हो रहा है। इसी कड़ी में अटकलें है कि जल्द ही मोहन कैबिनेट का विस्तर हो सकता है।

मौजूदा हालातों की बात करें तो फिलहाल 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल में चार पद रिक्त हैं, लेकिन संभावना है कि इस विस्तार में 4 से 5 नए चेहरों को मौका दिया जाए। साथ ही “गुजरात मॉडल” की तर्ज पर कुछ अनुभवी विधायकों की वापसी और कुछ मौजूदा चेहरों के संगठन में समायोजन की भी चर्चा है। इनमें अगर किसी बड़ी शख्सियत का नाम बार बार सामने आ रहा है तो वो है मध्य प्रदेश के सबसे वरिष्ठ विधायक और अपराजेय योद्धा गोपाल भार्गव का है।

जी हां सागर जिले की रहली विधानसभा से 9 बार विधायक रहे गोपाल भार्गव को कैबिनेट का सबसे मजबूत चेहरा माना जा रहा है। गोपाल भार्गव 6 साल तक मंत्रिमंडल मंत्री रह चुके हैं। उनका राजनीतिक सफर ज़मीनी स्तर से शुरू होकर राज्य की मुख्यधारा की राजनीति तक पहुंचा है, जिससे संगठन और जनता दोनों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। साथ ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे अहम पद पर भी रहे, जिससे उनकी राजनीतिक समझ और रणनीतिक क्षमता और मजबूत हुई है।

भारतीय जनता पार्टी में उनकी वरिष्ठता एक बड़ा फैक्टर है। किसी भी कैबिनेट में अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन जरूरी होता है। मोहन यादव की कैबिनेट में अगर संतुलन बनाना प्राथमिकता है, तो भार्गव जैसे अनुभवी नेता को शामिल करना स्वाभाविक विकल्प हो सकता है।

मध्य प्रदेश की राजनीति में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण अहम भूमिका निभाते हैं। भार्गव का प्रभाव बुंदेलखंड क्षेत्र में मजबूत माना जाता है, जिससे उस इलाके का प्रतिनिधित्व कैबिनेट में सुनिश्चित किया जा सकता है। यह राजनीतिक रूप से भी लाभकारी हो सकता है।

मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली में आलाकमान और शीर्ष नेतृत्व के साथ हुए मंथन से पार्टी अंजाम तक पहुंच चुकी है। अब नामों का ऐलान होना बाकी है। लगातार बैठकों और प्राधिकरणों में ऐलानों के बीच अब बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही कैबिनेट विस्तार की दिशा में सरकार ऐलान कर सकती है।  4 से 5 नए चेहरों को मंत्री बनाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन आने वाले दिनों में तस्वीर साफ हो सकती है।

ये नाम भी चर्चा में...

सूत्रों के अनुसार, मालिनी गौड़,  बृजेंद्र सिंह यादव और शैलेंद्र कुमार जैन ये वो तीन नाम है जिनकी संभावना सबसे ज्यादा जताई जा रही है। वैसे प्रदीप लारिया, अर्चना चिटनीस के साथ ही कमलेश शाह के नाम इस समय चर्चा में है। हालांकि गोपाल भार्गव का पिछले दिनों उनका पार्टी के लिए जाति वाला बयान काफी वायरल हुआ था। उस बयान को लेकर वो विरोधियों के निशाने पर आए थे।

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