Edited By meena, Updated: 17 Jan, 2026 03:50 PM

इंदौर नगर निगम मुख्यालय में मेयर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई एमआईसी बैठक में पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर अहम चर्चा हुई। बैठक में इंदौर नगर निगम को 1530 करोड़ के...
इंदौर : इंदौर नगर निगम मुख्यालय में मेयर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई एमआईसी बैठक में पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर अहम चर्चा हुई। बैठक में इंदौर नगर निगम को 1530 करोड़ के लोन की मंजूरी मिली। इस पैसे से शहर में पीएम आवासों का निर्माण के साथ अन्य विकासकार्य किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। निगमों में केमिस्टों की भर्ती के साथ सराफा चाट चौपाटी पर 97 दुकानों को स्वीकृति मिली।
एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा ने मेट्रो परियोजना के तहत रीगल तिराहे से हटाए जाने वाले पेड़ों को काटने की अनुमति न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ और हजारों तोते हैं, जो शहर में एक दुर्लभ प्राकृतिक आवास है। पेड़ों को ट्रांसप्लांट किए जाने की स्थिति में भी पक्षियों के संरक्षण को लेकर चिंता जताई गई।
मनीष शर्मा ने यह भी कहा कि मंदिरों से निकलने वाली फूल-माला और पूजन सामग्री को सामान्य कचरे के साथ ले जाना धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। उन्होंने निगम से मांग की कि पूजन सामग्री के लिए अलग वाहन की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही अवैध कॉलोनियों पर सख्त रोक लगाने की आवश्यकता भी बताई।
बैठक में मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने जानकारी दी कि 33 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के पहले चरण में लगभग 8,000 आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए डीपीआर राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 60 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों, जल आपूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं के लिए 1,530 करोड़ रुपये के ऋण को स्वीकृति दी गई।
एमआईसी ने 5 करोड़ रुपये की लागत से लिंबोदी तालाब के विकास और नवीनीकरण, तथा मेयर पास योजना के तहत छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को दी जा रही बस पास छूट की भरपाई के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये देने को भी मंजूरी दी।