Edited By meena, Updated: 16 Jan, 2026 01:26 PM

शहडोल जिले में मानवता को शर्मसार करने वाले तीन वर्षीय मासूम के दुष्कर्म और हत्या मामले में माननीय विशेष पोक्सो कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य दोषी भानू धीमर...
शहडोल (कैलाश लालवानी) : शहडोल जिले में मानवता को शर्मसार करने वाले तीन वर्षीय मासूम के दुष्कर्म और हत्या मामले में माननीय विशेष पोक्सो कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य दोषी भानू धीमर को फांसी की सजा सुनाई है। यह फैसला न केवल न्याय की जीत है, बल्कि समाज के दरिंदों के लिए एक कड़ा सबक भी है।
ये है मामला
घटना मार्च 2023 की है, जब खैरहा के ग्राम छिरहटी में आरोपी भानू धीमर ने तीन साल की मासूम के साथ बर्बरता की थी, इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया था, आरोपी ने पीड़िता की मां को डराया-धमकाया और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की, लेकिन डीएनए रिपोर्ट और पुलिस की मुस्तैदी ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

अदालत ने आरोपी भानू को हत्या और पोक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मृत्युदंड की सजा सुनाई, जबकि सह-आरोपी राजकुमार और पिंकी को धमकाने के जुर्म में 4-4 साल की जेल दी गई है। शासन की ओर से अभियोजन अधिकारी कुबेन्द्र शाह ठाकुर ने प्रभावी पैरवी कर मासूम को इंसाफ दिलाया।