Edited By Desh sharma, Updated: 02 Feb, 2026 10:58 PM

लगता है आजकल बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं । पहले इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर विवादित बयान से उनकी सारे देश में किरकिरी हुई।
(सागर): लगता है आजकल बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं । पहले इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर विवादित बयान से उनकी सारे देश में किरकिरी हुई। इसका खामियाजा भी उन्हें भुगतना पड़ा। जहां प्रदेश में उनके खिलाफ कांग्रेस ने लगातार मोर्चा खोला वहीं बीजेपी हाइकमान ने भी उनको तलब किया।
अब एक और मामले में मध्यप्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के बीच तल्खी दिख रही है। दो वरिष्ठ मंत्री एक बयान पर आमने सामने आ गए हैं। दरअसल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पीडब्ल्यूडी मंत्री और ठेकेदार संबंधों पर एक बयान दिया था। जिसको लेकर काफी सवाल उठे थे।
मंत्री राकेश सिंह बोले- उनका तो कोई बेटा ही नहीं है
अब लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने उसका जवाब दिया है।दरअसल उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय के उस बयान पर बयान पर चुटकी ली है। कैलाश ने कहा था कि पिता पीडब्ल्यूडी मंत्री और कपड़े ठेकेदार दिलाए तो बेटा चरित्रवान कैसे बनेगा? कैलाश के इसी बयान पर पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा है कि उनका तो कोई बेटा ही नहीं है। राकेश सिंह ने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय ने निजी तौर पर भी सफाई दी थी। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि ये बयान कैलाश भैया ने दिया है, तो सवाल भी उनसे ही करना चाहिए। वैसे उनका तो कोई बेटा ही नहीं है।
कैसे शुरु हुआ था विवाद?
राज्य के दो मंत्रियों के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब कैलाश विजयवर्गीय ने एक कार्यक्रम में बच्चों के चरित्र निर्माण पर बोलते हुए देश की शिक्षा नीति पर सवाल खड़े किए थे। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा था कि आज के दौर में पिता यदि पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर है और उसके बच्चों को कपड़े दिलाने ठेकेदार लेकर जाए, तो फिर चरित्र की बात करना बेमानी है. हालांकि उनके इस बयान पर विवाद उठा था और अपने बयान पर कैलाश को सफाई भी देनी पड़ी थी। लिहाजा अब मंत्री राकेश सिंह ने अलग तरीके से जवाब देकर अपनी बात रखी है।