Edited By Vandana Khosla, Updated: 23 May, 2026 02:20 PM

MP Desk: मध्यप्रदेश में से इस वक्त की एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। जहां सरकारी नौकरी प्राप्त महिला कर्मचारियों द्वारा नियमों के विरुद्ध मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ लिया गया हैं। अपात्र पाए जाने पर इन लाभार्थियों पर एक्शन लिया गया है।...
MP Desk: मध्यप्रदेश में से इस वक्त की एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। जहां सरकारी नौकरी प्राप्त महिला कर्मचारियों द्वारा नियमों के विरुद्ध मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ लिया गया हैं। अपात्र पाए जाने पर इन लाभार्थियों पर एक्शन लिया गया है। जिसमें संबंधित महिला कर्मचारियों से राशि वसूलने की तैयारी शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला एमपी के सतना जिले में से सामने आया है। यहां मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में करीब 27 महिलाएं शासकीय सेवा में होने के बावजूद लगातार योजना का लाभ उठा रही थीं। ये महिलाएं हर महीने ट्रेजरी से जारी वेतन के साथ-साथ लाडली बहना के 1500 रुपये की आर्थिक सहायता भी ले रही थीं। मामले का खुलासा तब हुआ जब ट्रेजरी से जारी वेतन भुगतान और समग्र आईडी के डेटा का मिलान किया गया।
जांच में करीब 27 महिला कर्मचारी ऐसी सामने आई जो शासकीय सेवा के बावजूद योजना की पात्र सूची में शामिल रहीं। जिला प्रशासन के निर्देश पर संबंधित नगरीय निकायों और विभागों के द्वारा इन महिलाओं के आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक खाते की जानकारी और अन्य दस्तावेज मंगवाए गए। जिसमें पता चला कि इन महिलाओं के खातों में अब तक पांच लाख 5 हजार 450 रुपये की राशि पहुंच चुकी है। अब संबंधित महिला कर्मचारियों से राशि वसूलने की तैयारी शुरू हो गई है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के नियमों के अनुसार वही महिलाएं पात्र हैं, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम हो और परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता (Tax Payee) नहीं होना चाहिए। महिला आर्थिक रूप से जरूरतमंद श्रेणी में आती हो। इसके अलावा महिला का मध्य प्रदेश का निवासी होना और विवाहित होना अनिवार्य है।