Edited By Vikas Tiwari, Updated: 09 Feb, 2026 07:57 PM

अमित शाह ने कहा कि बस्तर की पहचान बारूद और हिंसा नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध संस्कृति, कला और विरासत है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक बस्तर नक्सल भय, IED धमाकों और गोलियों की आवाज़ से दहला रहता था, लेकिन आज 55 हजार से अधिक आदिवासी खान-पान, गीत,...
रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि बस्तर की पहचान बारूद और हिंसा नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध संस्कृति, कला और विरासत है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक बस्तर नक्सल भय, IED धमाकों और गोलियों की आवाज़ से दहला रहता था, लेकिन आज 55 हजार से अधिक आदिवासी खान-पान, गीत, नृत्य, नाटक, वेशभूषा, परंपरा और वन औषधि सहित 12 विधाओं में अपनी संस्कृति को जीवंत कर रहे हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर पंडुम इस बात का प्रमाण है कि बस्तर अब नक्सल डर से मुक्त होकर विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 7 जिलों, 1885 ग्राम पंचायतों और 32 जनपदों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति, कला और पहचान को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस और 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव वर्ष घोषित करना इसी सोच का परिणाम है।
नक्सलवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जो नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे, सरकार उनका सम्मानपूर्वक पुनर्वासन करेगी, लेकिन जो हथियार उठाएंगे, उन्हें उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई का मूल उद्देश्य आदिवासी किसानों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा है। उन्होंने बताया कि आने वाले 5 वर्षों में बस्तर को आदिवासी क्षेत्रों में सबसे विकसित क्षेत्र बनाया जाएगा। 118 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र, नई पर्यटन गतिविधियां, रेल परियोजनाएं, सिंचाई योजनाएं और रोजगार के अवसर बस्तर के भविष्य को नई दिशा देंगे। अमित शाह ने कहा कि बस्तर अब एक राष्ट्रीय ब्रांड के रूप में उभर रहा है और तय समय सीमा में यह क्षेत्र पूरी तरह नक्सल मुक्त होगा।