PM आवास के फ्लैटों में दरार और छतों से टपक रहा पानी, मकानों में रहने से इनकार कर रहे लोग

Edited By meena, Updated: 05 Sep, 2026 04:05 PM

cracks in pm awas flats and water leaking from ceilings

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में शहरी प्रधानमंत्री आवास योजना और मोर जमीन मोर मकान योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए बनाए गए फ्लैटों की निर्माण गुणवत्ता...

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में शहरी प्रधानमंत्री आवास योजना और मोर जमीन मोर मकान योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए बनाए गए फ्लैटों की निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आवंटन के बाद कई फ्लैटों की दीवारों में दरार और सीपेज की शिकायत सामने आई है। इससे परेशान कुछ हितग्राही अब आवंटित मकानों में रहने से इनकार कर रहे हैं। हितग्राहियों के अनुसार उन्होंने नगर निगम से 4.25 लाख में फ्लैट खरीदा है और पूरी राशि जमा कर दी है। मकानों में रहने पहुंचे लोगों का आरोप है कि कुछ ही समय में दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने लगीं और बारिश के दौरान छत से पानी रिसकर भीतर आने लगा। अब प्रभावित हितग्राही ठेकेदार और नगर निगम के अधिकारियों से इन समस्याओं को दूर करने की मांग कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर में करीब 10 साल पहले शहरी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया था। उस समय गरीब परिवारों को बेहतर गुणवत्ता के मकान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। हालांकि बीच में बजट के अभाव में ठेकेदार ने काम रोक दिया था और पिछले 2 सालों से निर्माण कार्य लगातार चल रहा है। योजना के तहत कुल 1200 मकान प्रस्तावित हैं। इनमें से 493 फ्लैट का निर्माण किया जा चुका है। इन 493 फ्लैट के निर्माण के लिए 22 करोड़ रुपये जारी किये गए हैं।

हितग्राहियों का कहना है कि बाहर से फ्लैट व्यवस्थित दिखाई देते हैं, लेकिन अंदर कई जगह निर्माण संबंधी खामियां सामने आ रही हैं। दीवारों में दरार और बारिश के दौरान सीपेज के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ हितग्राहियों का कहना है कि मकान खरीदते समय उन्हें ऐसी स्थिति की उम्मीद नहीं थी। निर्माण की स्थिति को देखते हुए कुछ लोग अब अपने आवंटित फ्लैट वापस करने की बात भी कह रहे हैं। इस बीच अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत ने आज कहा कि, जो निर्माण कार्य अधूरे हैं या ठेकेदार ने पूरा नहीं किया है उसे पूरा कराया जाएगा, इसके अलावा बिजली पानी सहित दूसरी मूलभूत सुविधा भी फ्लैट में उपलब्ध कराई जाएगी। फ्लैटों में सामने आई दरार और सीपेज की शिकायतों ने करोड़ों रुपये की इस आवासीय परियोजना में निर्माण की गुणवत्ता और कार्यों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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