Edited By meena, Updated: 26 Apr, 2026 02:44 PM

ईजराइल अमेरिका और ईरान तनाव के बीच भारत में भी कई चीजों में कमी हो रही है। गैस औऱ तेल की सप्लाई में भी फर्क पड़ा है। दरअसल मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से...
डेस्क : ईजराइल अमेरिका और ईरान तनाव के बीच भारत में भी कई चीजों में कमी हो रही है। गैस औऱ तेल की सप्लाई में भी फर्क पड़ा है। दरअसल मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई रूकने का खतरे बढ़ता जा रहा है, इसको देखते हुए भारत भी सजग है और रसोई गैस को आवश्यक तैयारी चल रही है। आने वाले समय में LPG की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है, जिस लिए देश की तीन बड़ी तेल कंपनियां- Indane, Bharat Gas और HP Gas - सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि ये नए नियम 1 मई 2026 से लागू किए जा सकते हैं।
25 दिनों बाद ही दूसरा सिलेंडर हो सकेगा बुक
नए नियमों के मुताबिक, गैस सिलेंडर बुकिंग के बीच मिनिमम 25 दिनों का अंतर जरूरी किया जा सकता है। मतलब कि एक बार गैस बुक करने के बाद अगली बुकिंग के लिए लगभग एक महीने का इंतजार करना पड़ सकता है। इसका सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो महीने में एक से ज्यादा बार सिलेंडर लेते हैं।
इसके अलावा OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम को भी लागू करने की योजना है। इसके तहत आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। सिलेंडर डिलीवरी के समय यह OTP बताना अनिवार्य होगा इसके बाद ही सिलेंडर आपको मिलेगा। बिना OTP के डिलीवरी नहीं की जाएगी, जिससे सिलेंडरों की कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी।
भारत को रोज कितने टन LPG की जरूरत होती है?
आपको बता देते हैं कि सप्लाई की स्थिति को देखें तो भारत को रोजाना करीब 80,000 टन LPG की जरूरत होती है, जबकि देश में उत्पादन लगभग 46,000 टन प्रतिदिन है। मतलब साफ है कि देश को जरुरत को पूरा करने के लिए बाहर से आयात करना पड़ता है।
हालांकि बदलती हुई जरूरतो को देखते हुए अब सरकार ने रणनीति बदलते हुए अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, रूस से भी गैस का आयात करना खरीदना शुरू कर दिया है। लिहाजा इसके बाद भी 1 मई से रसोई गैस को लेकर नए नियम आ सकते हैं।