Edited By Himansh sharma, Updated: 14 Apr, 2026 07:36 PM

मध्य प्रदेश में एलपीजी, खासकर कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर स्थिति गड़बड़ा गई है। तेल कंपनियों का कहना है कि सप्लाई नियमित रूप से जारी है
भोपाल: मध्य प्रदेश में एलपीजी, खासकर कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर स्थिति गड़बड़ा गई है। तेल कंपनियों का कहना है कि सप्लाई नियमित रूप से जारी है, लेकिन जमीनी स्तर पर वेंडर, होटल-रेस्त्रां और ढाबा संचालकों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं।
इस वजह से कई छोटे व्यवसायी अब 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर और डीजल भट्टियों का सहारा लेने को मजबूर हैं। वहीं, 15 अप्रैल से शुरू हो रहे शादी सीजन ने भी मांग को और बढ़ा दिया है, जिससे कैटरिंग कारोबार प्रभावित हो रहा है। एलपीजी वितरकों का कहना है कि यदि कंपनियां पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध कराएं तो स्थिति में काफी सुधार हो सकता है।
70% सप्लाई का दावा
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, लगभग 70 प्रतिशत सिलेंडरों की सप्लाई के ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। गैस एजेंसियों के माध्यम से वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है और पहले की तुलना में सप्लाई में सुधार हुआ है।
पहचान पत्र से मिलेगा सिलेंडर
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्रवासी मजदूरों और कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाने का फैसला लिया है। मंत्रालय ने 7 अप्रैल से सभी राज्यों में 5 किलो सिलेंडरों का दैनिक आवंटन दोगुना कर दिया है। अब उपभोक्ता पहचान पत्र और सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर यह सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।आंकड़ों के अनुसार, 23 मार्च से 9 अप्रैल के बीच देशभर में 8.9 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित किए गए, जिनमें 7 अप्रैल को 1.1 लाख से अधिक सिलेंडर की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई।