Edited By Himansh sharma, Updated: 15 Apr, 2026 01:33 PM

मध्य प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है।
भोपाल: मध्य प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया गया है। अब नर्सरी से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। यह निर्णय खासतौर पर सागर और अशोकनगर जिलों में लागू किया गया है, जहां तापमान लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोपहर के समय तेज धूप और लू का असर सबसे ज्यादा रहता है, जिससे स्कूली बच्चों पर स्वास्थ्य संबंधी खतरा बढ़ जाता है।
दरअसल, राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में गर्मी ने अप्रैल के महीने में ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। इस सीजन में पहली बार तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है और लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 16 और 17 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण लू चल सकती है। ऐसे में प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों का समय बदला है, ताकि बच्चों को गर्मी से बचाया जा सके।
प्रदेश के अलग-अलग शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन नर्मदापुरम फिलहाल सबसे गर्म शहर बना हुआ है, जहां तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्म हवाओं और तेज धूप ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं, हल्के कपड़े पहनाएं और धूप में निकलने से बचाएं। साथ ही जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर जाने की सलाह दी गई है।
सरकार ने साफ किया है कि हालात को देखते हुए आगे भी जरूरी फैसले लिए जा सकते हैं, ताकि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर कोई असर न पड़े।