हिजाब को हां, बिंदी-तिलक को ना...लेंसकार्ट की गाइडलाइन का MP में विरोध! विहिप कार्यकर्ता पहुंचे शो रूम, दी ये चेतावनी

Edited By meena, Updated: 20 Apr, 2026 06:41 PM

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देश में इन दिनों Lenskart के ड्रेस कोड को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, लेंसकार्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए एक ड्रेसकोड गाइडलाइन जारी की थी जिसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक...

जबलपुर : देश में इन दिनों Lenskart के ड्रेस कोड को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, लेंसकार्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए एक ड्रेसकोड गाइडलाइन जारी की थी जिसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा जैसे धार्मिक प्रतीकों से परहेज करने की बात कही गई थी, जबकि हिजाब और पगड़ी को अनुमति दी गई थी। इसी कथित असमानता ने लोगों के बीच नाराजगी पैदा कर दी और मामला तेजी से तूल पकड़ गया।

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देशभर में इस गाइडलाइन का विरोध हो रहा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के जबलपुर Vishva Hindu Parishad और Bajrang Dal के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। जबलपुर के मदन महल स्थित लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों के माथे पर भगवा तिलक लगाया और उनकी कलाई पर कलावा बांधा। उन्होंने कंपनी से सार्वजनिक माफी की मांग की और चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर जवाब नहीं मिला, तो देशभर में शोरूम बंद कराने तक का आंदोलन किया जाएगा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही। यह विरोध केवल एक शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के कई हिस्सों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा और असंतोष देखने को मिला।

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विवाद के बाद Lenskart ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी सफाई जारी की। कंपनी ने कहा कि उसने ग्राहकों और समुदाय की भावनाओं को गंभीरता से सुना है और अब अपने स्टोर स्टाइल गाइड को स्पष्ट और पारदर्शी रूप से अपडेट किया है। नए दिशा-निर्देशों में सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों जैसे बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी को बिना किसी भेदभाव के स्वीकार करने की बात कही गई है।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह भारत में भारतीयों द्वारा और भारतीयों के लिए बनाई गई संस्था है, जहां कर्मचारी अपनी आस्था और पहचान के साथ काम करते हैं। यदि पहले की किसी गाइडलाइन या संदेश से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो इसके लिए कंपनी ने खेद भी जताया है।

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