Edited By Himansh sharma, Updated: 16 Apr, 2026 03:38 PM

छत्तीसगढ़ से जुड़े नवजात शिशु तस्करी कांड ने अब पूरे देश को हिला कर रख दिया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ से जुड़े नवजात शिशु तस्करी कांड ने अब पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस संगठित गिरोह की जड़ें सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि 10 राज्यों में फैले इस नेटवर्क ने मासूम बच्चों को सौदे की वस्तु बना दिया। पुलिस जांच में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिन्होंने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि गिरोह से जुड़े एक आरोपी ने पैसों के लालच में अपनी ही दो पत्नियों से हुए दो मासूम बच्चों को बेच दिया। आरोपी ने एक लड़का और एक लड़की को 8 लाख रुपये से ज्यादा में सौदा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह नवजात बच्चों को अवैध तरीके से खरीदकर उन्हें गोद दिलाने के नाम पर मोटी रकम में बेचता था।
जांच में सामने आया है कि इस रैकेट का मास्टरमाइंड प्रगट सिंह उर्फ लाडी है, जिसकी तलाश में पुलिस पंजाब तक पहुंच चुकी है। हालांकि, उसके घर पर छापेमारी के दौरान पूरा परिवार फरार मिला। उसकी पत्नी और साली की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
अब तक की जांच में 50 से ज्यादा बच्चों की तस्करी का अंदेशा है, जबकि पुलिस ने फिलहाल 40 मामलों की पुष्टि की है। दो बच्चों को बरामद भी किया जा चुका है, जिन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। पुलिस ने बच्चों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल भी जुटाए हैं, ताकि असली माता-पिता का पता लगाया जा सके।
इस मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें गिरोह के सदस्य और कुछ बच्चों के माता-पिता भी शामिल हैं। कई आरोपी रिमांड पर हैं और उनसे लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस ने अलग-अलग राज्यों—पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़—में टीमें भेज दी हैं। बताया जा रहा है कि यह गिरोह वर्ष 2022 से सक्रिय था और बच्चों की सप्लाई चेन को बेहद संगठित तरीके से ऑपरेट कर रहा था। बैंक खातों की जांच के साथ-साथ संदिग्ध लेन-देन को भी खंगाला जा रहा है।
पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे सरगना और अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी होगी, इस काले धंधे के और भी चौंकाने वाले राज सामने आएंगे। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन यह मामला समाज के उस कड़वे सच को भी उजागर करता है, जहां लालच इंसान को इतना अंधा बना देता है कि वह अपने ही खून का सौदा कर देता है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में छत्तीसगढ़ के रायपुर के सेक्टर 27 का रुद्र प्रताप शामिल है।