Edited By Himansh sharma, Updated: 29 Jan, 2026 12:56 PM

मध्यप्रदेश में सर्द मौसम ने किसानों पर सीधा वार किया है। उत्तरी भारत में हुई बर्फबारी के बाद प्रदेश में चली ठंडी हवाओं ने तापमान को तेजी से गिरा दिया
भोपाल। मध्यप्रदेश में सर्द मौसम ने किसानों पर सीधा वार किया है। उत्तरी भारत में हुई बर्फबारी के बाद प्रदेश में चली ठंडी हवाओं ने तापमान को तेजी से गिरा दिया, जिससे खेतों में खड़ी फसलें तबाह हो गईं। हालात इतने गंभीर हो गए कि फसल नुकसान और कर्ज के बोझ से टूटे एक किसान ने आत्महत्या तक कर ली। बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 4 से 8 डिग्री तक गिर गया। ग्वालियर में दिन का तापमान 16 डिग्री के करीब पहुंच गया, जबकि भोपाल में भी 4.7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। दिन में भी कोल्ड-डे जैसे हालात बने रहे, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ।
तीन दिन और सताएगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक रात का तापमान और गिरेगा। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट की संभावना है। मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 30 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे 31 जनवरी या 1 फरवरी को बादल छाने और मौसम बदलने के आसार हैं।
हजारों हेक्टेयर में तबाही
आंधी, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने कई जिलों में किसानों की कमर तोड़ दी है। खंडवा में 45 से 55 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई.. करीब 15 हजार हेक्टेयर में चना भी खराब.. बुरहानपुर में केला और मक्का की फसल प्रभावित उज्जैन की माकड़ौन तहसील के 20 से ज्यादा गांवों में ओलावृष्टि से नुकसान
किसान की मौत के बाद जागा सिस्टम
माकड़ौन थाना क्षेत्र के ग्राम खेड़ा जमुनिया में 30 वर्षीय किसान पंकज मालवीय ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार वह कर्ज और फसल नुकसान से बेहद तनाव में था। आत्महत्या से पहले उसने मोबाइल में खेतों की तबाही की तस्वीरें भी साझा की थीं। घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तत्काल सर्वे के निर्देश दिए हैं। राजस्व, कृषि और उद्यानिकी विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर नुकसान का आकलन कर रही हैं। वहीं विधायक महेश परमार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
प्रदेश में मौसम की मार ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं— क्या समय पर मुआवजा किसानों को टूटने से बचा पाएगा?