Edited By meena, Updated: 06 Jan, 2026 05:02 PM

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर रतलाम में कांग्रेस का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। मंत्री चेतन्य काश्यप के निवास का घेराव करने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने लोकेंद्र टॉकीज...
रतलाम (समीर खान) : इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर रतलाम में कांग्रेस का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। मंत्री चेतन्य काश्यप के निवास का घेराव करने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने लोकेंद्र टॉकीज क्षेत्र में रोकने की कोशिश की, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार धक्का-मुक्की, झूमाझटकी और तीखी झड़प हुई, जिससे पूरा इलाका कुछ देर के लिए रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
प्रदर्शन के दौरान यातायात पूरी तरह बाधित रहा और शहर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। पुलिस कार्रवाई से आक्रोशित कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और मंत्री चेतन्य काश्यप के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालात काबू में करने के नाम पर पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिससे आक्रोश और भड़क उठा।

कांग्रेस ने पुलिस को दिया चकमा
आंदोलन को रोकने की कोशिशों के बीच कांग्रेस ने रणनीति बदलते हुए पूर्व विधायक पारस सकलेचा को कार्यकर्ताओं के साथ अलग मार्ग से आगे बढ़ाया। जहां पुलिस लोकेंद्र टॉकीज पर प्रदर्शनकारियों को रोकने में उलझी रही, वहीं सकलेचा स्टेशन रोड पर प्रदर्शन करते हुए दिलबहार चौराहे तक पहुंच गए और सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।

प्रशासन पर भाजपा का एजेंट बनने का आरोप
शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले भाजपा युवा मोर्चा के कार्यक्रम को शहर में खुली छूट दी गई, लेकिन कांग्रेस के लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया।

कांग्रेस नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि जब तक इंदौर दूषित पानी मौत कांड के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और जिम्मेदारों को जेल नहीं भेजा जाता, तब तक आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा।