सपने में आए हनुमान, कहा- मंदिर बनवाओ, चर्चित भू-माफिया ने 40 करोड़ की विवादित जमीन पर रातों रात रखवा दी मूर्ति

Edited By Desh Raj, Updated: 13 Feb, 2026 07:59 PM

encroachment dispute on district marketing office land in sidhi

सीधी में जिला विपणन कार्यालय की शासकीय जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि भू-माफिया के रूप में चर्चित राकू कामदार ने रातों-रात 11 सिर वाली हनुमान जी की एक विशाल मूर्ति स्थापित कर दी और अब वहां मंदिर निर्माण की तैयारी...

सीधी(सूरज शुक्ला): सीधी में जिला विपणन कार्यालय की शासकीय जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि भू-माफिया के रूप में चर्चित राकू कामदार ने रातों-रात 11 सिर वाली हनुमान जी की एक विशाल मूर्ति स्थापित कर दी और अब वहां मंदिर निर्माण की तैयारी चल रही है। मामले को लेकर जिला विपणन कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोतवाली थाना प्रभारी, एसडीएम, तहसीलदार और कलेक्टर से शिकायत की है।

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प्रभारी जिला विपणन अधिकारी एवं एकाउंट ऑफिसर मंजुलता गौतम ने बताया कि विभाग द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के साथ प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई है। उनके अनुसार, पटवारी को मौके पर भेजकर जमीन का नाप और स्थल पंचनामा कराया गया, जिसमें जमीन शासकीय पाई गई। तहसीलदार स्तर पर भी प्रारंभिक जांच में यह माना गया कि संबंधित भूमि राकू कामदार की नहीं है।

जिला विपणन अधिकारी नरेंद्र सिंह ने दावा किया कि यह घटना 1 जनवरी की रात की है, जब अंधेरे का फायदा उठाकर मूर्ति स्थापित की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की गई, जिसके बाद उन्होंने थाना कोतवाली में आवेदन दिया। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने कहा कि आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार गोपद बनास राकेश शुक्ला ने पुष्टि की कि पटवारी जांच के आधार पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, भूमि शासकीय है और अतिक्रमण की शिकायत गंभीरता से ली जा रही है।

दूसरी ओर,राकू कामदार ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि मंदिर उनकी निजी जमीन पर बन रहा है। उन्होंने दावा किया, “भगवान ने सपने में कहा कि मंदिर बनवाओ, इसलिए मैंने मंदिर बनवाया। इसमें अनुमति लेने का सवाल नहीं उठता।”

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विवादित भूमि की अनुमानित कीमत 40 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। गौरतलब है कि राकू कामदार का पीछे 14 दुकानों का एक बड़ा कॉम्पलेक्स है, जहां विभिन्न व्यवसाय संचालित हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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