Edited By Desh Raj, Updated: 07 May, 2026 04:36 PM

सब कुछ होने के बाद भी जो निर्धन बनकर BPL सूची में वो अब बाहर होने वाले हैं। शहर में करीब डेढ़ लाख फर्जी गरीब लिस्ट से बाहर होने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक गलत तरीके से दस्तावेज तैयार करके बीपीएल सूची में शामिल इन फर्जी गरीबों को
(भोपाल): सब कुछ होने के बाद भी जो निर्धन बनकर BPL सूची में वो अब बाहर होने वाले हैं। शहर में करीब डेढ़ लाख फर्जी गरीब लिस्ट से बाहर होने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक गलत तरीके से दस्तावेज तैयार करके बीपीएल सूची में शामिल इन फर्जी गरीबों को जनगणना अभियान के दौरान पहचाना जाएगा। BPL कार्ड बनवाने के बाद अच्छे खासे घरों में रहने वालों को अब लिस्ट से बाहर करने की तैयारी चल रही है। ये परिवार गरीबों के हिस्से का लाभ उठाकर फर्जावाड़ा कर रहे हैं।जनगणना के दौरान होने वाले मकान सर्वे के काम में ऐसे कार्डधारियों को विशेष रूप से पहचान सूची में शामिल किया जा रहा है।
फर्जी गरीबों पर कसा जाएगा शिंकजा
दरअसल भोपाल के 85 वार्ड में मैपिंग में BPL श्रेणी के मकानों को चिन्हित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार शहर में डेढ़ लाख पक्के मकान हैं, लेकिन गरीबी रेखा सूची में शामिल करवा गया है। लेकिन किसी भी कार्रवाई से पहले या बीपीएल सूची से बाहर निकालने से पहले इनको सुनवाई का मौका दिया जाएगा। इनसे सही कारण और जायज वजह पूछी जाएगी। अगर फिर भी ये परिवार अपनी बात साबित करने में सफल नहीं हुए और लगा कि ये गलत शामिल किए गए हैं तो इनको सूची से बाहर करके कार्ड कैंसिल कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि जिले में बीपीएल कार्डधारियों की सूची प्रशासन ने गुप्त रखी है। साल 2021 तक बीपीएल कार्ड धारकों की सूची प्रशासनिक पोर्टल पर अपडेट रहती थी, लेकिन अब सार्वजनिक तौर पर पोर्टल पर रखना बंद कर दिया है।
गौर करने वाली बात है कि 3.78 लाख लोगों के पास बीपीएल कार्ड है, जो यहां की आबादी का 60 फीसदी है। बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि इतना बड़ा हिस्सा बीपीएल कैसे हो सकता है। जनगणना के दौरान घर, परिवार, कमाई और हर साधन का पता लगेगा और सही जानकारी सामन आएगी।