Edited By Himansh sharma, Updated: 29 Jan, 2026 11:16 AM

मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक बार फिर बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर भुगतान योजना के तहत राहत देने जा रही है।
भोपाल: मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक बार फिर बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर भुगतान योजना के तहत राहत देने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से भावांतर राशि की चौथी किस्त सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे।
इस दौरान प्रदेश के करीब 1.17 लाख किसानों के बैंक खातों में लगभग 200 करोड़ रुपए की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से अंतरित की जाएगी।
अब तक 7 लाख से अधिक किसानों को मिल चुके 1492 करोड़
भावांतर भुगतान योजना के तहत अब तक प्रदेश के 7.10 लाख किसानों को करीब 1492 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। तीन चरणों में पहले ही 1300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। सरकार का दावा है कि यह योजना किसानों की आय स्थिर करने में अहम भूमिका निभा रही है।
मल्हारगढ़ में विकास कार्यों की भी सौगात
मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने मल्हारगढ़ दौरे के दौरान केवल भावांतर राशि ही नहीं, बल्कि 69.50 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे।
इन कार्यों से क्षेत्र में सड़क, पेयजल, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
29 जनवरी को फिर होगा बड़ा आयोजन, 210 करोड़ और जाएंगे किसानों के खातों में
अधिकारियों के अनुसार, 29 जनवरी को एक और बड़ा राज्य स्तरीय भावांतर भुगतान समारोह प्रस्तावित है। यह कार्यक्रम विदिशा जिले के शमशाबाद में आयोजित किया जा सकता है, जहां मुख्यमंत्री 7 लाख से अधिक किसानों के खातों में करीब 210 करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर करेंगे।
बताया गया है कि इस अवधि में प्रदेश की मंडियों में किसानों द्वारा लगभग 17 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय किया गया है।
एमएसपी का भरोसा, नुकसान की भरपाई सरकार करेगी
भावांतर योजना के तहत उन किसानों को राशि दी जा रही है, जिन्होंने 20 दिसंबर 2025 से योजना की समाप्ति तक मंडियों में सोयाबीन बेचा है। योजना का उद्देश्य किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ दिलाना है। मंडियों में तय मॉडल रेट और एमएसपी के बीच का अंतर सरकार सीधे किसानों के खातों में जमा कर रही है। भावांतर योजना के जरिए मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। लगातार किस्तों में हो रहा भुगतान किसानों के लिए आर्थिक संबल बनता नजर आ रहा है।