नितिन नवीन की अध्यक्षता में BJP शासित राज्यों के जलशक्ति मंत्रियों के लिए कार्यशाला, कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ सुशासन है लक्ष्य

Edited By Desh Raj, Updated: 03 Sep, 2026 11:01 PM

jal manthan workshop for water resources ministers of bjp ruled states

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आज गुरुवार को भाजपा मुख्यालय, नई दिल्ली में भाजपा शासित राज्यों के जल शक्ति मंत्रियों के लिए ‘जल मंथन’ कार्यशाला आयोजित की गई।

(पुष्पेंद्र सिंह ): भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आज गुरुवार को भाजपा मुख्यालय, नई दिल्ली में भाजपा शासित राज्यों के जल शक्ति मंत्रियों के लिए ‘जल मंथन’ कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें प्रभावी मंत्री-व्यवस्था, भारत के जल संसाधनों के परिदृश्य तथा संगठन-सरकार संबंधों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। यह कार्यशाला भाजपा के सुशासन एवं पॉलिसी रिसर्च विभाग द्वारा आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य मंत्रियों की कार्यक्षमता बढ़ाना, सरकारों को बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद करना और सुशासन के लक्ष्य को मजबूत करना है।

भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो अपनी सरकारों को उनके कामकाज के जरिए बेहतर नतीजे हासिल करने में मदद करने की कोशिश करती रहती है। इसी विचार को लेकर सभी भाजपा शासित राज्यों के जल शक्ति मंत्रियों का दो दिन का "जल मंथन" आयोजित किया गया है।

भारत सरकार ने सभी राज्यों के जल शक्ति मंत्रियों का एक सम्मेलन बुलाया था। उसके समाप्त होने के बाद यह बैठक और कार्यशाला कल बुधवार को भाजपा माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उद्बोधन से प्रारंभ हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष के घर पर छोटा सा उद्घाटन कार्यक्रम हुआ और आज केंद्रीय कार्यालय में कार्यशाला चल आयोजित की गई जिसमें भाजपा शासित 14 राज्यों के 25 जल शक्ति मंत्री उपस्थित हुए। जल शक्ति मंत्रालय में सिंचाई, ग्रामीण पेयजल और कभी-कभी पेयजल एवं स्वच्छता जैसे विभाग भी शामिल होते हैं। इसे पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग के नाम से भी जाना जाता है। पानी से जुड़े ऐसे विभागों का दायित्व निभाने वाले सभी मंत्रीगण इस कार्यशाला में उपस्थित हुए।

बुधवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सभी को संबोधित किया और अपने विचार साझा किये। आज पहले सत्र में इफेक्टिव मिनिस्टीरियल एस्टैब्लिशमेंट यानी एक मंत्री का एस्टैब्लिशमेंट किस प्रकार प्रभावी ढंग से काम कर सकता है, इस पर चर्चा हुई। इसके बाद भारत में कुल मिलाकर जल संसाधनों का परिदृश्य क्या है, "व्हाट इज द इंडिया वॉटर स्टोरी", इस विषय पर कुछ तज्ञों ने मार्गदर्शन किया। संगठन और सरकार के साथ संबंधों के बारे में भी एक सत्र हुआ।

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