Edited By Himansh sharma, Updated: 11 May, 2026 07:12 PM

मध्य प्रदेश के खंडवा में भीषण गर्मी के बीच जहां पेयजल संकट से लोग जूझ रहे हैं, वहीं विकास कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
खंडवा (मुस्ताक मंसूरी): मध्य प्रदेश के खंडवा में भीषण गर्मी के बीच जहां पेयजल संकट से लोग जूझ रहे हैं, वहीं विकास कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सांसद निधि से ग्राम पंचायत सिरपुर के ग्राम बावड़ियांकाजी में दिया गया पानी का टैंकर महज चार महीने में ही खटारा हो गया। यह टैंकर फरवरी 2026 में ग्रामीणों की सुविधा के लिए सौंपा गया था, लेकिन उसकी हालत इतनी खराब निकली कि अब वह उपयोग के लायक नहीं बचा।
घटना उस समय सामने आई जब गांव में एक अंत्येष्टि के दौरान श्मशान घाट पर पानी की जरूरत पड़ी। ट्रैक्टर के माध्यम से टैंकर में पानी भरकर उसे श्मशान घाट ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में ढलान और लॉकिंग एरिया के पास टैंकर ट्रैक्टर से अलग होकर अचानक असंतुलित हो गया और हादसे की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों के मुताबिक टैंकर की वेल्डिंग और निर्माण गुणवत्ता बेहद कमजोर थी, जिसके कारण वह अधिक समय तक टिक नहीं पाया। इस घटना के दौरान गनीमत रही कि ट्रैक्टर चालक समय रहते संभल गया और उसकी जान बाल-बाल बच गई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। अब इस पूरे मामले ने सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर विकास कार्यों में इतनी जल्दी खराब होने वाली सामग्री क्यों लगाई जाती है।