MP में लाड़ली बहनों को ₹3000 का इंतजार, जीतू पटवारी ने सरकार से पूछा- नई बहनों का रजिस्ट्रेशन कब?

Edited By Himansh sharma, Updated: 31 Aug, 2026 12:04 PM

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मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार से दो सीधे सवाल पूछे हैं, लाड़ली बहनों को हर महीने ₹3,000 की राशि कब से मिलेगी और योजना में नई पात्र महिलाओं को जोड़ने के लिए पंजीयन की प्रक्रिया दोबारा कब शुरू होगी? पटवारी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के बड़े दावे और वादे किए गए थे, लेकिन अब सरकार की ओर से ₹3,000 प्रतिमाह की घोषणा को लेकर स्पष्टता नहीं दिखाई जा रही है। उनका कहना है कि वर्तमान में लाड़ली बहनों को मिलने वाली मासिक सहायता ₹1,500 पर ही बनी हुई है।

₹3000 के वादे पर कांग्रेस ने घेरा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहनों को मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर ₹3,000 प्रतिमाह करने की बात कही थी। अब कांग्रेस सरकार से जानना चाहती है कि इस वादे को कब लागू किया जाएगा। पटवारी ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार योजना का विस्तार करना चाहती है तो नई पात्र महिलाओं को इसमें शामिल करने के लिए आवेदन और पंजीयन की प्रक्रिया कब खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं जो पात्रता के बावजूद योजना से बाहर हैं और सरकार से उन्हें भी अवसर मिलने की उम्मीद है।

भाजपा की बैठक पर भी पटवारी का निशाना

ओरछा में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को लेकर भी जीतू पटवारी ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनता की कई गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन भाजपा संगठन भविष्य के चुनावों की रणनीति तैयार करने में जुटा हुआ है। पटवारी के मुताबिक, जनता मौजूदा सरकार से अपने रोजमर्रा के सवालों का जवाब चाहती है। उन्होंने कर्ज, अपराध, भ्रष्टाचार, रोजगार, किसान और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए भाजपा से इन विषयों पर ठोस जवाब देने की मांग की।

कर्ज, अपराध और रोजगार पर कांग्रेस ने पूछे सवाल

पटवारी ने भाजपा से पूछा कि मध्य प्रदेश पर बढ़ते कर्ज की स्थिति से निपटने के लिए सरकार की क्या योजना है। कानून-व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अपराध की घटनाओं पर सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए। युवाओं के रोजगार के मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश का युवा नौकरी और रोजगार के अवसर मांग रहा है। वहीं किसानों की आय, फसल की कीमत और बढ़ती लागत जैसे मुद्दे भी सरकार के सामने बड़ी चुनौती हैं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पटवारी ने कहा कि केवल आर्थिक सहायता योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

'2028 की तैयारी, लेकिन 2026 का क्या?'

अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जीतू पटवारी ने भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी ने 2028 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विचार जरूर कर लिया, लेकिन प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि मौजूदा समय की समस्याओं से सरकार कैसे निपटेगी। पटवारी ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश कर्ज, बेरोजगारी, अपराध, किसान संकट और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों से जूझ रहा है, तब राजनीतिक दलों की प्राथमिकता क्या होनी चाहिए?

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि जनता को फिलहाल चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि रोजगार, सुरक्षा, किसान हित और आर्थिक राहत से जुड़े ठोस फैसलों की जरूरत है। अब लाड़ली बहना योजना को लेकर कांग्रेस के सवालों पर सरकार की ओर से क्या जवाब आता है और ₹3,000 की राशि बढ़ाने तथा नई पात्र महिलाओं के पंजीयन को लेकर कोई नई घोषणा होती है या नहीं, इस पर सबकी नजर रहेगी।

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