MP में को-ऑपरेटिव सोसायटी में करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा, अध्यक्ष के साथ 14 पदाधिकारियों पर FIR

Edited By Desh Raj, Updated: 28 May, 2026 03:10 PM

multi crore fraud exposed in mp cooperative societies

राजधानी में निवेश के नाम पर आम जनता को चूना लगाने वाली एक बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने 'वीएसीएल (VACL) जन सहयोग क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड' के पदाधिकारियों के खिलाफ करोड़ों रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया है।

भोपाल (इजहार खान):राजधानी में निवेश के नाम पर आम जनता को चूना लगाने वाली एक बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने 'वीएसीएल (VACL) जन सहयोग क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड' के पदाधिकारियों के खिलाफ करोड़ों रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया है। संस्था ने अधिक ब्याज और कम समय में राशि दुगुनी-तिगुनी करने का झांसा देकर लगभग 3,000 निवेशकों से निवेश कराया था।

क्या है पूरा मामला?

भ्रष्टाचार निवारण युवा मंच के संयोजक अशोक कुमार टाटा की शिकायत पर EOW ने जांच की। जांच में सामने आया कि संस्था ने वर्ष 2013-14 से 11 नंबर बस स्टॉप, अरेरा कॉलोनी स्थित कार्यालय से अपना जाल बिछाया था। सोसायटी के अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष बी.एस. चौहान, अभिषेक शर्मा सहित संचालक मंडल के सदस्यों ने जनता को लुभावनी बचत योजनाओं का प्रलोभन दिया।

ठगी का तरीका: प्रलोभन,बहानेबाजी और लुभावनी योजनाएं:

संस्था ने डेली डिपॉजिट, एफडी, आरडी और मासिक आय योजनाओं के तहत निवेशकों को 12% या उससे अधिक ब्याज और 5.5 वर्ष में रकम दुगुनी-तिगुनी करने का वादा किया था।निवेशकों को 'जन सहयोग कैश क्रेडिट सर्टिफिकेट' जारी किए गए ताकि संस्था पर भरोसा बना रहे।

नौकरी का लालच:

कई लोगों को अधिक निवेश या एजेंट के रूप में काम करने पर कमीशन और नौकरी दिलाने का झांसा भी दिया गया।

कार्यालय से गायब

परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद जब निवेशकों ने अपनी जमा राशि वापस मांगी, तो संस्था ने पहले बहाने बनाए और फिर अपना कार्यालय अरेरा कॉलोनी से मानसरोवर कॉम्प्लेक्स (एमपी नगर) स्थानांतरित कर उसे बंद कर दिया। अंत में आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर निवेशकों से संपर्क तोड़ लिया।

EOW की जांच में बड़ा खुलासा

EOW की जांच में बैंक ऑफ बड़ौदा, हबीबगंज शाखा स्थित सोसायटी के खाते (क्रमांक 18600XXXXXX80) की पड़ताल की गई, जिसमें लगभग 1.64 करोड़ रुपये का लेनदेन पाया गया। यह खाता मुख्य रूप से अध्यक्ष राकेश शर्मा द्वारा संचालित किया जाता था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि संस्था का पैसा जमा कर राकेश शर्मा ने वर्ष 2014 में ग्राम दीवानगंज में 25 लाख और 1 करोड़ रुपये की दो बड़ी भूमियाँ खरीदीं।

इन पर हुई कार्रवाई?

EOW ने संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष बी.एस. चौहान,अभिषेक शर्मा,संचालक इंद्रेश सिंह, धीरज पवार, जितेन्द्र सिंह, राकेश मालवीय, विकास गजभिए, चिरौंजी लाल मीणा, श्वेता शर्मा, संध्या सिंह और उनके सहयोगी अभिषेक खरे, विजय इंगले तथा योगिता शर्मा सहित अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर धारा 420, 409, 120-बी म.प्र. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 की धारा 6(1) के तहत FIR दर्ज की गई है। EOW फिलहाल मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है।

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